दिल्ली प्रशासन ने किरायेदारों और प्रवासियों से जनगणना में स्वयं भाग लेने का आग्रह किया
नेत्रपाल
- 02 May 2026, 04:13 PM
- Updated: 04:13 PM
नयी दिल्ली, दो मई (भाषा) दिल्ली नगर निगम के वार्ड क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों से अधिकारियों ने जनगणना 2027 के लिए जारी स्व-गणना कवायद में भाग लेने का आग्रह किया है। नगर निगम के वार्डों में रहने वाले निवासियों में किरायेदार और प्रवासी भी शामिल हैं।
अधिकारियों ने लोगों को इस प्रक्रिया में संभावित धोखाधड़ी के प्रति आगाह भी किया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को स्वैच्छिक स्व-गणना कवायद शुरू हुई, जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू सहित कई निवासियों ने पहले ही दिन इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया।
इस प्रक्रिया के तहत, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के निवासियों को निर्धारित जनगणना पोर्टल पर अपने परिवार का विवरण भरना होगा।
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि निवास स्थान की स्थिति चाहे जो भी हो, सभी निवासी इसमें भाग लेने के पात्र हैं।
इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, "दिल्ली की आबादी का एक बड़ा हिस्सा प्रवासियों और किरायेदारों का है, इसलिए शहर की जनसंख्या का सटीक आकलन सुनिश्चित करने के लिए उन्हें विशेष रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "किरायेदारों और प्रवासी निवासियों की भागीदारी जनसंख्या की वास्तविक स्थिति जानने के लिए महत्वपूर्ण है।"
इसके साथ ही, अधिकारियों ने जनगणना के नाम पर हो रही धोखाधड़ी की गतिविधियों के बारे में भी चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि कुछ जालसाज जनगणना प्रक्रिया में सहायता करने के बहाने निवासियों से ओटीपी और बैंक विवरण जैसी संवेदनशील जानकारी निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
इस संबंध में एक अधिकारी ने लोगों से सतर्क रहने का आग्रह करते हुए कहा, ''जनगणना संबंधी कार्यों के लिए कोई भी अधिकृत अधिकारी ओटीपी, यूपीआई पिन या किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं मांगेगा।''
लोगों को सलाह दी गई है कि वे ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।
अधिकारियों ने बताया कि एमसीडी वार्डों के सभी निवासी, निवास स्थान की स्थिति की परवाह किए बिना, जनगणना पोर्टल पर स्वैच्छिक स्व-गणना कवायद में भाग ले सकते हैं, जिसके लिए प्रति परिवार केवल एक लॉगिन की आवश्यकता होगी, जिसे परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य मोबाइल नंबर का उपयोग करके पूरा कर सकता है।
उन्होंने कहा कि उपयोगकर्ताओं को पहली बार लॉगिन करते समय एक भाषा का चयन करना होगा, जिसे बाद में बदला नहीं जा सकता, और उपग्रह मानचित्र पर स्थान का चयन करके, पता खोजकर, या अक्षांश और देशांतर को मैन्युअल रूप से दर्ज करके अपने निवास के भौगोलिक निर्देशांक प्रदान करने होंगे।
फॉर्म जमा करने के बाद, 11 अंकों की स्व-गणना आईडी बनेगी, जिसे निवासियों को 16 मई से 14 जून तक निर्धारित अभियान के दौरान घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने वाले गणनाकर्ताओं को दिखाना होगा।
स्व-गणना एक से 15 मई तक एमसीडी के 250 वार्डों में की जाएगी।
भाषा तान्या नेत्रपाल
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