पूर्वी लद्दाख में श्योक नदी में टी-72 टैंक बह जाने से पांच सैनिकों की मौत
देवेंद्र माधव
- 29 Jun 2024, 10:25 PM
- Updated: 10:25 PM
नयी दिल्ली/लेह, 29 जून (भाषा) पूर्वी लद्दाख के न्योमा-चुशुल क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट श्योक नदी में शुक्रवार देर रात अचानक आई बाढ़ के कारण रूस निर्मित टी-72 टैंक के बह जाने से उसमें सवार एक ‘जूनियर कमीशंड ऑफिसर’ (जेसीओ) समेत पांच सैन्यकर्मियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हादसे के बाद, सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिये शोक व्यक्त किया।
अधिकारियों ने बताया कि दो टी-72 टैंक रात लगभग एक बजे श्योक नदी को पार करने की कोशिश कर रहे थे और उनमें से एक नदी के तेज बहाव में फंस गया। उन्होंने कहा कि बर्फ पिघलने से नदी के जल स्तर में वृद्धि हुई।
सेना ने बचाव दल तैनात किया, लेकिन नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण अभियान सफल नहीं हो सका।
मारे गये कर्मियों में एमआरके रेड्डी, सुभान खान, भूपेन्द्र नेगी, ई तेइबम और सादरबोनिया नागराजू शामिल हैं।
सिंह ने कहा, ‘‘लद्दाख में एक टैंक को नदी पार कराते समय हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में भारतीय सेना के हमारे पांच बहादुर जवानों की जान जाने से मुझे गहरा दुख हुआ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने वीर जवानों द्वारा देश के लिए की गई अनुकरणीय सेवा को कभी नहीं भूलेंगे। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।’’
सिंह ने कहा, ‘‘दुख की इस घड़ी में राष्ट्र उनके साथ खड़ा है।’’
ये सैनिक 52 आर्मर्ड रेजिमेंट के थे, जो चीन के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट रणनीतिक रूप से स्थित क्षेत्र में दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) सैन्य अड्डे पर तैनात थे।
सेना की ‘फायर एंड फ्यूरी’ कोर ने कहा, ‘‘28 जून, 2024 की रात एक सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास के बाद, पूर्वी लद्दाख के सासेर ब्रांगसा के निकट श्योक नदी में अचानक जल स्तर बढ़ने के कारण सेना का एक टैंक फंस गया।’’
इसने कहा, ‘‘बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तेज बहाव और अधिक जल स्तर के कारण बचाव अभियान सफल नहीं हो सका और टैंक के चालक दल के सदस्यों की जान चली गई।’’
इसने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘भारतीय सेना पूर्वी लद्दाख में अभियानगत तैनाती के दौरान पांच बहादुर जवानों की मौत की घटना पर शोक व्यक्त करती है। बचाव अभियान जारी है।’’
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे और सेना के सभी रैंक के अधिकारियों ने पांचों कर्मियों की मौत पर शोक व्यक्त किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लद्दाख में अचानक आई बाढ़ में सैनिकों की मौत पर दुख व्यक्त किया और कहा कि पूरा देश उनके परिवारों के साथ है।
शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मैं इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले वीर जवानों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। पूरा देश वीर जवानों के परिवारों के साथ है।’’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेताओं राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी वाद्रा ने पांच सैनिकों की मौत होने पर गहरा दुख व्यक्त किया।
खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘लद्दाख में टी-72 टैंक को नदी पार कराते समय एक जेसीओ (जूनियर कमीशंड ऑफिसर) सहित भारतीय सेना के पांच बहादुर सैनिकों की मौत होने की घटना से बहुत दुखी हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस दर्दनाक त्रासदी के चलते जान गंवाने वाले सेना के जवानों के परिवारों के प्रति हम संवेदना व्यक्त करते हैं। देश दुख की इस घड़ी में अपने बहादुर सैनिकों की अनुकरणीय सेवा को एकजुट होकर सलाम करता है।’’
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि सैन्यकर्मियों की मौत की खबर अत्यंत दुखद है।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘लद्दाख में टैंक के नदी पार करने के सैन्य अभ्यास के दौरान हुए हादसे में भारतीय सेना के पांच जवानों की शहादत का समाचार अत्यंत दुखद है।’’
प्रियंका गांधी ने भी सैन्यकर्मियों के परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की।
जून, 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद से इन इलाकों में तैनात भारतीय सेना के जवान बेहद सतर्क हैं। सेना ने पूर्वी लद्दाख में सीमा पर जारी गतिरोध के मद्देनजर बड़ी संख्या में टैंक तैनात किए हैं।
भारत लगातार कहता रहा है कि जब तक सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति नहीं होगी, चीन के साथ उसके संबंध सामान्य नहीं हो सकते।
दोनों पक्षों ने विवाद को सुलझाने के उद्देश्य से फरवरी में उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता का अंतिम दौर आयोजित किया था।
हालांकि 21वें दौर की वार्ता में किसी सफलता का कोई संकेत नहीं मिला, लेकिन दोनों पक्ष जमीनी स्तर पर ‘‘शांति और सौहार्द’’ बनाए रखने तथा आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमत हुए थे।
भाषा
देवेंद्र