शिवकुमार ने बेंगलुरु रक्षा हवाई अड्डों के पास ऊंचाई संबंधी प्रतिबंधों की समीक्षा का आग्रह किया
दिलीप
- 24 Apr 2026, 08:08 PM
- Updated: 08:08 PM
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली/बेंगलुरु, 24 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और बेंगलुरु में रक्षा हवाईअड्डों के 20 किलोमीटर दायरे में लागू ऊंचाई से संबंधित प्रतिबंधों की समीक्षा करने का आग्रह किया।
बेंगलुरु में चार हवाईअड्डे हैं, जिनमें से दो - एचएएल हवाई अड्डा और येलहांका एयरबेस - रक्षा वायु सेना केंद्र हैं।
इन हवाईअड्डों के परिसरों में निर्माण की अनुमति प्राप्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' प्राप्त करना आवश्यक होता है।
शिवकुमार ने केंद्रीय मंत्री को दिए गए एक औपचारिक प्रतिवेदन में, शिवकुमार ने इस ओर ध्यान दिलाया कि जहां जीएसआर 751 (ई) रक्षा हवाई अड्डों के केवल 15 किमी के दायरे तक इमारतों की ऊंचाई को 150 मीटर तक सीमित करता है, वहीं संबंधित अधिकारी इसी सीमा को 20 किमी तक लागू कर रहे हैं, जो प्रभावी रूप से अधिसूचना के तहत निर्धारित नियमों का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि ऐसा करके 15-20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों के अतिरिक्त 78 प्रतिशत हिस्से को ऊंचाई प्रतिबंधों के अधीन किया जा रहा है, जो कि नियमों के खिलाफ है।
उपमुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इससे राज्य सरकार की सुव्यवस्थित शहरी विकास योजनाओं को नुकसान पहुंचेगा।
उन्होंने कहा, "मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि बेंगलुरु में रक्षा हवाई अड्डों के 20 किलोमीटर दायरे में लागू किए गए प्रतिबंधों की समीक्षा करें, ताकि उड़ान सुरक्षा और शहर के विकास दोनों की जरूरतों का ध्यान रखा जा सके।"
उपमुख्यमंत्री अगले दो दिनों में अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं।
इससे पहले, बेंगलुरु में उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''शिवकुमार ने बेंगलुरु के कई हिस्सों में विकास पर इन प्रतिबंधों के प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने रक्षा मंत्री से अपील की कि वह एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाएं, जिससे बेंगलुरु का विकास भी हो एवं विमानन सुरक्षा भी सुनिश्चित हो ।''
बयान के अनुसार, उन्होंने कहा, "बेंगलुरु दुनिया के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में से एक है। एचएएल हवाई अड्डा शहर के मुख्य क्षेत्र में स्थित है, जहां विकास की अपार संभावना है। अतिरिक्त प्रतिबंध हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों में विकास में बाधा डाल रहे हैं।"
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप
2404 2008 दिल्ली/बेंगलुरु