अमेरिकी सेना ने ईरानी तेल की तस्करी के लिए पूर्व में प्रतिबंधित पोत पर कब्जा किया: पेंटागन
नरेश
- 21 Apr 2026, 08:12 PM
- Updated: 08:12 PM
वाशिंगटन, 21 अप्रैल (एपी) रक्षा विभाग ने मंगलवार को बताया कि अमेरिकी सेना के जवान एक तेल टैंकर पर धावा बोलकर उसपर सवार हो गए और उसे अपने कब्जे में ले लिया है। इस टैंकर पर पहले एशिया में ईरानी कच्चे तेल की तस्करी के आरोप में प्रतिबंध लगाया गया था।
पेंटागन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिकी सेना ने 'यात्रा के अधिकार के तहत समुद्री अवरोध' उत्पन्न किया और 'एम/टी टिफानी' नामक टैंकर पर उसके जवान 'बिना किसी प्रतिरोध' के सवार हो गए। जहाज ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि टिफानी श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच हिंद महासागर में था।
पेंटागन अमेरिका के रक्षा विभाग का मुख्यालय है।
ईरान के खिलाफ अमेरिका की जंग में यह नवीनतम कदम है, जिसके तहत तेहरान से जुड़े किसी भी जहाज या उन जहाजों को रोका जा रहा है जिन पर तेहरान सरकार की मदद करने वाली सामग्री, जैसे हथियार, तेल, धातु और इलेक्ट्रॉनिक्स ले जाने का संदेह है।
यह घोषणा अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी नाजुक युद्धविराम की समाप्ति से कुछ घंटे पहले आई है। फिलहाल वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश पाकिस्तान कर रहा है।
पेंटागन ने टिफानी को 'देशविहीन' बताया, हालांकि यह बोत्सवाना का ध्वज वाला जहाज है। घोषणा में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मंगलवार को जहाज पर ठीक कहां और किस समय धावा बोला गया।
पेंटागन की घोषणा में ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के पिछले बयानों को दोहराते हुए कहा गया, ''जैसा कि हमने स्पष्ट किया है, हम अवैध नेटवर्क को बाधित करने और ईरान को सामग्री पहुंचाने में सहायता प्रदान करने वाले प्रतिबंधित जहाजों को रोकने के लिए वैश्विक समुद्री प्रवर्तन प्रयास जारी रखेंगे - चाहे वे कहीं भी संचालित हों। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र प्रतिबंधित जहाजों के लिए शरणस्थल नहीं है।''
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने पिछले सप्ताह कहा था कि अमेरिकी नाकाबंदी ईरानी जलक्षेत्र और अमेरिकी केंद्रीय कमान के नियंत्रण वाले युद्ध क्षेत्र से आगे तक विस्तारित होगी।
पेंटागन में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अन्य जिम्मेदारी वाले क्षेत्रों में अमेरिकी सेनाएं "ईरान के ध्वज वाले किसी भी जहाज या ईरान को सामग्री पहुंचाने में सहायता प्रदान करने का प्रयास करने वाले किसी भी जहाज का सक्रिय रूप से पीछा करेंगी।"
घोषणा के अनुसार यह घटना रात में घटित हुई।
उन्होंने विशेष रूप से प्रशांत क्षेत्र में चलाए जा रहे अभियानों का जिक्र किया और बताया कि अमेरिका उन जहाजों को निशाना बनाएगा जो नाकाबंदी शुरू होने से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर से रवाना हुए थे।
होर्मुज जलडमरूमध्य ऊर्जा और अन्य माल ढुलाई के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है।
सेना ने उन वस्तुओं की एक विस्तृत सूची भी जारी की जिन्हें वह अवैध मानती है और घोषणा की कि वह व्यापारिक जहाजों पर 'स्थान की परवाह किए बिना' चढ़कर उनकी तलाशी लेगी और उन्हें जब्त कर लेगी।
एपी
संतोष नरेश
नरेश
2104 2012 वाशिंगटन