पहलगाम आतंकवादी हमले की बरसी : कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा कड़ी की गई
गोला
- 19 Apr 2026, 03:23 PM
- Updated: 03:23 PM
श्रीनगर, 19 अप्रैल (भाषा) कश्मीर के पहलगाम में गत वर्ष 22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले की पहली बरसी के मद्देनजर घाटी के पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस हमले में लश्कर के आतंकवादियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सभी सुरक्षा एजेंसियों को पहलगाम आतंकी हमले की बरसी की पूर्व संध्या पर, विशेष रूप से पर्यटन स्थलों के आसपास, किसी भी संभावित विध्वंसक गतिविधि के प्रति सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि एक पुख्ता सुरक्षा योजना तैयार करने के लिए जमीनी स्तर पर प्रारंभिक बैठकें आयोजित की गईं, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में इन व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
पहलगाम के मनोरम बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों द्वारा किये गए हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई थी।
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा किए गए नृशंस हमले के कारण जम्मू कश्मीर से पर्यटकों का पलायन हुआ और अधिकारियों को करीब 50 पर्यटन स्थलों को बंद करना पड़ा और सुरक्षा ऑडिट के बाद उनमें से कुछ को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोला गया।
पहलगाम हमले के करीब एक साल बाद बैसरन घाटी फिर पर्यटकों से गुलजार हैं, और अनंतनाग जिले में स्थित 'मिनी स्विट्जरलैंड' का दीदार करने के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।
पहलगाम रिजॉर्ट में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई नए उपाय लागू किए गए हैं। इनमें सेवा प्रदाताओं और विक्रेताओं, जिनमें पोनीवाले भी शामिल हैं, का आगंतुकों से संपर्क करने से पहले पूर्व सत्यापन शामिल है।
पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सभी पर्यटन सेवा प्रदाताओं के लिए एक क्यूआर कोड-आधारित पहचान प्रणाली शुरू की गई है।
यह प्रणाली पोनी की सवारी कराने वालों, फेरीवालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ बाहरी विक्रेताओं सहित वास्तविक और पंजीकृत सेवा प्रदाताओं की आसान पहचान और सत्यापन को सक्षम बनाती है।
अधिकारियों ने कहा, ''प्रत्येक सेवा प्रदाता की पुलिस द्वारा विधिवत जांच की जा रही है, अधिकारियों ने उनका पंजीकरण कराया है और उन्हें एक विशिष्ट क्यूआर कोड प्रदान किया गया है जिसमें उस व्यक्ति के बारे में व्यक्तिगत जानकारी और अन्य विवरण दर्ज हैं।''
उन्होंने बताया कि पर्यटक अपने मोबाइल फोन से कोड को स्कैन करके संबंधित व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
क्यूआर कोड में सेवा प्रदाता का नाम, पिता का नाम, विस्तृत पता, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, पंजीकरण संख्या, परिचालन मार्ग और पुलिस द्वारा सत्यापित होने या न होने की जानकारी शामिल होती है।
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) वी के बर्डी ने हाल ही में की समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि पर्यटकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों सहित संवेदनशील प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
बिरदी ने कश्मीर घाटी में आगामी कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा व्यवस्था का आकलन और अंतिम रूप देने के लिए पीसीआर कश्मीर में एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक में स्थानीय पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), यातायात पुलिस, रेलवे, सुरक्षा और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भाषा धीरज गोला
गोला
1904 1523 श्रीनगर