महिलाएं आरक्षण विधेयक को लेकर द्रमुक को माफ नहीं करेंगी: अन्नाद्रमुक प्रमुख पलानीस्वामी
प्रशांत
- 19 Apr 2026, 04:53 PM
- Updated: 04:53 PM
नमक्कल (तमिलनाडु), 19 अप्रैल (भाषा) आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव ई.के. पलानीस्वामी ने तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार पर महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का विरोध करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि प्रत्येक महिला सत्तारूढ़ पार्टी को माफ नहीं करेगी।
पलानीस्वामी ने तिरुचेंगोडे निर्वाचन क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सवाल किया, ''केंद्र सरकार ने आखिर क्या प्रस्ताव रखा था? यह महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला विधेयक था, फिर भी द्रमुक ने इसे पारित नहीं होने दिया। कांग्रेस और द्रमुक ने ही महिलाओं के उन अधिकारों में बाधा डाली जो उन्हें मिलने वाले थे।"
अन्नाद्रमुक द्वारा महिलाओं के लिए आरक्षण की इच्छा जताते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने कहा कि द्रमुक से जुड़े दलों में इस मुद्दे के प्रति प्रतिबद्धता की कमी है।
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमसे परामर्श किया और हमने अपनी सहमति दी, जिसके बाद उन्होंने विधेयक पेश किया। हालांकि, द्रमुक ने अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ मिलकर इसके खिलाफ मतदान किया और यह सुनिश्चित किया कि यह पारित नहीं हो। क्या इस राज्य की महिलाएं उन्हें कभी माफ कर पाएंगी?''
परिसीमन विधेयक पर पलानीस्वामी ने कहा कि केंद्र के इस आश्वासन के बावजूद कि तमिलनाडु प्रभावित नहीं होगा, द्रमुक ने इसका विरोध किया।
मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जनसंख्या आधारित परिसीमन से राज्य के प्रतिनिधित्व में कमी आने की आशंका जतायी गई थी।
उनके अनुसार, केंद्र ने स्पष्ट किया था कि तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व घटेगा नहीं, बल्कि प्रस्तावित सीट की संख्या 39 से बढ़ाकर 59 किए जाने के साथ यह 7.18 प्रतिशत से बढ़कर 7.23 प्रतिशत हो सकता है।
उन्होंने कहा, "केंद्र का रुख पूरी तरह से तमिलनाडु के पक्ष में था।"
स्टालिन पर देश की जनता को निराश करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "आपने (स्टालिन) जनता के सपनों को चकनाचूर कर दिया है और विशेष रूप से महिलाओं के सपनों को।"
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, "द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन को करारा सबक सिखाएं, जिसने संसद और राज्य विधानसभाओं दोनों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान में बाधा डाली।"
राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में पलानीस्वामी ने सामाजिक कल्याण मंत्री द्वारा दिए गए आंकड़े का हवाला देते हुए अपराध में वृद्धि का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि द्रमुक शासनकाल में यौन अपराधों के 24,000 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 18,000 मामले नाबालिग लड़कियों से संबंधित थे और 6,999 मामले पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज किए गए।
उन्होंने कहा, ''अपराधियों को पुलिस का कोई भय नहीं है, क्योंकि द्रमुक के सदस्य उनके सहयोगी के रूप में खड़े हैं। जिस तरह पहले सोने की कीमतों से जुड़ी खबरें सुर्खियों में रहती थीं, आज वे हत्याओं, यौन अपराधों और मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों की खबरों से भरी रहती हैं।''
अन्नाद्रमुक के चुनावी घोषणापत्र को सूचीबद्ध करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो राशन दुकानों के माध्यम से आपूर्ति किया जाने वाला चावल किराना स्टोर में उपलब्ध चावल के बराबर होगा।
उन्होंने आश्वासन दिया, ''हम बुनकरों की पेंशन भी 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रति माह करेंगे। अन्नाद्रमुक शिक्षा को प्राथमिकता देगी।''
भाषा अमित प्रशांत
प्रशांत
1904 1653 नमक्कल