जयप्रकाश गौड़ ने जेएएल संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए अदाणी समूह के चयन का किया समर्थन
रमण
- 10 Apr 2026, 03:39 PM
- Updated: 03:39 PM
नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) जेपी समूह के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने दिवालिया घोषित हो चुकी जयप्रकाश एसोसिएट्स लि. (जेएएल) की परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए अदाणी समूह को सफल बोलीदाता चुनने के ऋणदाताओं के फैसले का शुक्रवार को समर्थन किया।
इसके साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि गौतम अदाणी के नेतृत्व वाला अदाणी समूह जेएएल को आगे ले जाएगा।
यह बयान प्रतिद्वंद्वी बोलीदाता वेदांता लि. के अनिल अग्रवाल के उस दावे के कुछ दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि गौड़ चाहते थे कि जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) उनके खनन समूह के 'सुरक्षित हाथों' में रहे।
गौड़ ने कहा, ''मैं ऋणदाताओं की समिति और समाधान पेशेवर द्वारा संचालित निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया की सराहना करता हूं। मैं अदाणी समूह और वेदांता समूह का उनकी भागीदारी के लिए भी आभार व्यक्त करता हूं।''
उन्होंने कहा, ''ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) ने जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए अदाणी समूह को सफल बोलीदाता चुना है और हम इस फैसले का पूरा सम्मान करते हैं।''
जेएएल की समिति ने दिवाला प्रक्रिया के माध्यम से इसकी संपत्तियों को हासिल करने के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज लि. की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को पिछले साल नवंबर में मंजूरी दी थी।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की इलाहाबाद पीठ ने जेएएल की परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए अदाणी समूह की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को पिछले महीने मंजूरी दी थी।
इस फैसले को वेदांता समूह ने चुनौती दी है जिसने 17,926 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। यह मामला राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण में विचाराधीन है।
गौड़ ने विश्वास जताया कि गौतम अदाणी के नेतृत्व में जयप्रकाश एसोसिएट्स की विरासत को आगे बढ़ाया जाएगा।
जेपी समूह के प्रमुख ने कहा, ''जेएएल मेरे लिए सिर्फ एक कंपनी नहीं बल्कि 1979 में शुरू हुई एक लंबी और भावनात्मक यात्रा रही है...। मुझे पूरा विश्वास है कि गौतम अदाणी के नेतृत्व में कंपनी आगे बढ़ेगी और सभी पक्षों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी।''
उन्होंने अदाणी समूह को इस यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए अपनी 'शुभकामनाएं' भी दीं।
जेएएल की ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रीन्स जैसी प्रमुख रियल एस्टेट परियोजनाएं हैं। इसके मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में चार सीमेंट संयंत्र हैं और मध्य प्रदेश में कुछ पट्टे पर ली गई चूना पत्थर की खदानें हैं।
इसके अलावा, इसने जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड, यमुना एक्सप्रेसवे टोलिंग लिमिटेड, जेपी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड और कई अन्य कंपनियों सहित अनुषंगी कंपनियों में भी निवेश किया है।
भाषा निहारिका रमण
रमण
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