बड़ोवाला में सूखे नाले से बरामद तीनों शव एक परिवार के, हत्यारोपी गिरफ्तार: उत्तराखंड पुलिस
राजकुमार
- 27 Jun 2024, 06:14 PM
- Updated: 06:14 PM
देहरादून, 27 जून (भाषा) उत्तराखंड पुलिस ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के एक व्यक्ति को गिरफ्तार करते हुए दावा किया कि यहां पटेलनगर क्षेत्र के बड़ोवाला में बरामद हुए एक शिशु सहित तीन लोगों के शव एक ही परिवार के थे और कथित अवैध संबंधों के चलते इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने बताया कि बिजनौर जिले के नेहटौर का रहने वाला हत्यारोपी हसीन तलाकशुदा है जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है ।
बड़ोवाला में एक सूखे नाले से सड़ी-गली दशा में तीन शव बरामद होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र के लोगों ने नाले से दुर्गंध आने की शिकायत की थी जिस पर कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर शाम 15 वर्षीया एक किशोरी और आठ माह की एक बच्ची तथा बुधवार सुबह एक 35-40 साल की महिला के शव बरामद किए गए थे ।
पुलिस के मुताबिक इस घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने अलग-अलग टीम का गठन किया और विवेचना की स्वयं निगरानी करते हुए 'ब्लाइंड' दिख रहे इस मामले का 24 घंटे में खुलासा कर दिया ।
पुलिस ने बताया कि वह देहरादून के अलावा उसके आसपास उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में भी गुमशुदगी के मामलों के बारे में पता करने लगी तब उसे पता चला कि बिजनौर के एक थाना क्षेत्र में एक महिला और उसकी बच्चियां लापता हैं जिस पर तत्काल एक टीम को वहां भेजकर गुमशुदा लोगों के बारे में जानकारी हासिल की गयी ।
पुलिस के मुताबिक बड़ोवाला में घटनास्थल के आसपास तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को ‘ब्लू डार्ट’ कंपनी का नीले रंग का बैग मिला जिसमें महिला तथा बच्चों के कपड़े तथा अन्य सामग्री थी। इसके अलावा घटनास्थल के निकट ‘टिंबर ली फर्नीचर फैक्टरी’ के पास पुलिस को रोडवेज बस का नेहटौर से देहरादून तक का एक टिकट मिला जो एक बालिग और एक नाबालिग का था ।
पुलिस का कहना है कि उसने जब फैक्टरी में जाकर पूछताछ की तो उसे वहां नहटौर का रहने वाला हसीन नामक एक श्रमिक मिला । जब शक के आधार पर उसे पुलिस चौकी लाया गया तो उसने पुलिस के सामने कथित अवैध संबंधों के चलते महिला और उसके बच्चों की हत्या की बात कबूली।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया है कि नेहटौर की रेशमा से उसका पिछले दो सालों से प्रेम प्रसंग था लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह उसपर शादी करने का दबाव बना रही थी । आरोपी ने पुलिस के सामने कहा कि छुटकारा पाने के लिए उसने रेशमा और उसके बच्चों आयत (15) और आयशा (आठ माह) को 23 जून को देहरादून बुलाया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने खुलासा किया कि रेशमा और दोनों बच्चों को वह फैक्टरी ले गया और रात में उसने रेशमा की गला दबाकर हत्या कर दी तथा बाद में उसने दोनों बच्चों की भी मुंह और नाक दबाकर हत्या कर दी । आरोपी का कहना है कि उसने उनके शवों को फोम के गद्दों में लपेटकर नाले में कूड़े में फेंक दिया ।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने ही रेशमा का बैग भी कूड़े में फेंक दिया जबकि उसका मोबाइल फोन तथा घर की चाबी अपने पास छुपाकर रख ली ।
इस हत्याकांड के खुलासे पर उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने पुलिस टीम को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित करने की घोषणा की है जबकि पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र, केएस नगन्याल ने उन्हें 25 हजार रुपये देने का ऐलान किया है ।
भाषा दीप्ति