खरात मामले में सीडीआर लीक की जांच करेगी सरकार, संपत्ति की पड़ताल का मामला ईडी को : फडणवीस
नरेश
- 05 Apr 2026, 06:34 PM
- Updated: 06:34 PM
नासिक, पांच अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को आश्वासन दिया कि 'स्वयंभू बाबा' अशोक खरात मामले में कथित सीडीआर लीक होने की जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार 'स्वयंभू बाबा' की संपत्तियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपी जाएगी।
शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया द्वारा खरात और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हुई कथित बातचीत के खुलासे के बाद मचे बवाल के बीच फडणवीस ने कहा कि किसी को भी इस तरह के 'कॉल डेटा रिकॉर्ड' (सीडीआर) प्राप्त करने का अधिकार नहीं है।
एकनाथ शिंदे शिवसेना के प्रमुख हैं।
अंजलि दमानिया ने यह भी दावा किया कि उन्हें खरात से जुड़ा कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से प्राप्त हुआ था।
'स्वयंभू बाबा' और ज्योतिषी खरात को मार्च में गिरफ्तार किया गया था, जब एक विवाहित महिला ने उस पर तीन साल तक बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था। अब तक उसके खिलाफ कुल आठ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।
बाद में हुई जांच में यौन उत्पीड़न, जमीन व अन्य संपत्तियों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं सहित कई अपराधों का खुलासा हुआ। गिरफ्तारी के बाद खरात की शिंदे और राकांपा नेता रूपाली चकणकर सहित महाराष्ट्र के प्रमुख राजनेताओं के साथ तस्वीरें वायरल हुईं। महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिंदे ने 2022 में खरात के मंदिर का दौरा किया था।
फडणवीस ने कहा, ''अशोक खरात मामले में सीडीआर लीक होने की जांच की जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) तक पहुंचने का अधिकार नहीं है, केवल अधिकृत एजेंसियां ही ऐसा कर सकती हैं। यह डेटा कैसे और किसने लीक किया, इसकी जांच राज्य सरकार करेगी।''
उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में मात्र आरोप पर्याप्त नहीं होते हैं और ठोस सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ईडी खरात की संपत्तियों की पृष्ठभूमि की जांच करेगी।
फडणवीस ने पत्रकारों को बताया कि ईडी ने मामले का संज्ञान लिया है और कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने जोर देकर कहा, ''खरात के सभी खाते हमारे संज्ञान में आ गए हैं और उनके माध्यम से हुए लेन-देन की पहचान कर ली गई है। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी अवैध संपत्तियों और कुकृत्यों का पर्दाफाश होगा।''
विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही जांच पर खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खरात के बारे में जानकारी देने के लिए अधिक से अधिक लोग आगे आ रहे हैं क्योंकि 'लोगों का विश्वास बढ़ रहा है'। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
दमानिया ने समय अवधि बताए बिना कहा था, ''महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बात हुई थी।'' उन्होंने बताया कि सबसे लंबी बातचीत 21 मिनट तक चली थी।
कथित सीडीआर का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि खरात ने अपनी पत्नी के बाद सबसे लंबे समय तक चाकणकर से फोन पर बात की थी। दमानिया ने बताया कि चाकणकर और खरात के बीच कुल 177 बार फोन पर बात हुई थी, जो 33,727 सेकंड तक चली।
उन्होंने यह भी दावा किया कि खरात और भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल तथा एनसीपी नेता सुनील तटकरे के बीच भी आठ-आठ बार फोन पर बात हुई थी। खरात और भाजपा के मंत्री आशीष शेलार के बीच भी एक बार फोन पर बात हुई थी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने पत्रकारों से कहा, "अगर जानबूझकर सीडीआर या वीडियो क्लिप प्रसारित की जाती है तो इससे इरादे और वैधता को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। इन सीडीआर के सामने आने से व्यापक संदेह पैदा हो गया है। अगर किसी ने जानबूझकर यह सामग्री वितरित की है, तो अधिकारियों को इसकी जांच करनी चाहिए और जांच के नतीजे सार्वजनिक किए जाने चाहिए।''
उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस से यह स्पष्ट करने का आग्रह किया कि इस तरह की रिकॉर्डिंग कैसे हासिल की गईं और क्या किसी व्यक्ति को निशाना बनाया गया था।
शिंदे ने जोर दिया कि अगर किसी विशेष व्यक्ति या राजनीतिक दल को अनुचित रूप से निशाना बनाया जाता है, तो इसकी जांच लोकतांत्रिक मानदंडों के दायरे में की जानी चाहिए।
महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने रविवार को अशोक खरात मामले में सीडीआर लीक के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि लोगों के बीच यह भावना जोर पकड़ रही है कि 'एक आम परिवार के व्यक्ति' के लिए राजनीतिक बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। सामंत ने यह बात उपमुख्यमंत्री और उनके पार्टी नेता एकनाथ शिंदे के संदर्भ में कही।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता सुनील तटकरे ने रविवार को कहा कि 'विकृत प्रवृत्ति' वाले व्यक्तियों पर त्वरित अदालतों में मुकदमा चलाया जाना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो उन्हें मृत्युदंड दिया जाना चाहिए।
वे 'स्वयंभू बाबा' अशोक खरात के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे। रायगढ़ा से लोकसभा सदस्य ने कहा कि सरकार को एसआईटी के माध्यम से गहन जांच करनी चाहिए और इस मामले से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
भाषा संतोष नरेश
नरेश
0504 1834 नासिक