कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति को लेकर सरकार की आलोचना की
स्वाती नरेश
- 27 Jun 2024, 01:43 PM
- Updated: 01:43 PM
तिरुवनंतपुरम, 27 जून (भाषा) कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने बृहस्पतिवार को राज्य में स्थानीय निकायों को विकास गतिविधियों के लिए समय पर धनराशि नहीं देने के लिए सत्तारूढ़ वाम सरकार की आलोचना की।
टी सिद्दीकी सहित यूडीएफ विधायकों द्वारा एक प्रस्ताव में यह आरोप लगाया गया और साथ ही धन की कमी के कारण स्थानीय निकायों के सामने आ रही समस्याओं पर चर्चा करने के लिए कार्य स्थगन प्रस्ताव के जरिए सदन में इस पर चर्चा कराने की मांग की।
यूडीएफ द्वारा लगाए गए आरोपों का राज्य के स्थानीय स्वशासन मंत्री एम बी राजेश ने खंडन किया और कहा कि स्थानीय निकायों की समस्याओं के लिए केंद्र और केरल पर लगाए गए उसके वित्तीय प्रतिबंध जिम्मेदार हैं।
एम बी राजेश ने कहा कि यूडीएफ की संकीर्ण राजनीति के कारण विपक्ष जानबूझकर इस मुद्दे में केंद्र की भूमिका की अनदेखी कर रहा है।
मंत्री एम बी राजेश ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय निकायों को समय पर धनराशि उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है तथा उन्होंने सदन को स्थगित करने की विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया।
मंत्री द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को देखते हुए अध्यक्ष ए एन शमशीर ने सदन स्थगित करने के नोटिस को अनुमति देने से इनकार कर दिया।
कार्य स्थगन प्रस्ताव के नोटिस की अनुमति नहीं मिलने के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि केरल में विकेंद्रीकरण विफल हो गया है और वामपंथी सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण क्षेत्रीय विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
सतीशन ने सदन में यह भी तर्क दिया कि राज्य सरकार का केंद्र से 57,000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया होने का दावा झूठ और गलत आंकड़ों पर आधारित है।
इसके साथ ही सतीशन ने यह भी आरोप लगाया कि जिस तरह नरेन्द्र मोदी सरकार के पास कोई योजना नहीं है, उसी तरह केरल में वामपंथी प्रशासन के पास भी धन खर्च को लेकर कोई योजना नहीं है।
विपक्षी नेता ने कहा कि क्षेत्रीय विकास में बाधा उत्पन्न करने और स्थानीय निकायों को "डुबोने" के राज्य सरकार के रुख के विरोध में वह और उनकी पार्टी के साथी वॉकआउट कर रहे हैं और इसके बाद यूडीएफ और उसके अन्य सहयोगियों ने भी सदन से वॉकआउट किया।
भाषा स्वाती