बंगाल: तृणमूल व भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, मंत्री के घर पर पथराव, चार लोग गिरफ्तार
नेत्रपाल
- 14 Mar 2026, 11:53 PM
- Updated: 11:53 PM
कोलकाता, 14 मार्च (भाषा) मध्य कोलकाता में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली से करीब आधा घंटा पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक पुलिस अधिकारी और भाजपा के एक नेता घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
झड़प के बीच, यह आरोप भी सामने आया कि गिरीश पार्क इलाके में पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा के आवास पर पथराव किया गया।
इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि झड़प में शामिल होने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य लोगों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है।
यह झड़प रैली स्थल से लगभग पांच किलोमीटर दूर उस समय हुई जब भाजपा समर्थक प्रधानमंत्री की रैली में शामिल होने ब्रिगेड परेड मैदान की ओर जा रहे थे। यह रैली विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की राज्यव्यापी 'परिवर्तन यात्रा' के समापन का प्रतीक है।
पांजा ने अपने कैबिनेट सहयोगी ब्रत्य बसु और सांसद सयानी घोष के साथ संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमलावरों द्वारा बाहर से फेंकी गई ईंटों से उनके पेट पर चोट आई और उनके कार्यालय के कर्मचारियों सहित उनकी पार्टी के कई समर्थक घायल हो गए।
पांजा ने दावा किया कि हमलावर ''मुझे जान से मारना चाहते थे।''
उन्होंने कहा, ''क्या भाजपा का 'परिवर्तन' का नारा किसी महिला मंत्री और दिग्गज नेता दिवंगत अजीत पांजा के आवास पर हमला करने के लिए है।''
मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा, ''स्वतंत्र भारत में यह पहली बार है कि किसी मंत्री के आवास पर भीड़ ने इस तरह हमला किया हो।''
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के समर्थकों ने कथित तौर पर एक-दूसरे पर पत्थर फेंके और नारे लगाए, जिससे इलाके में तनाव पैदा हो गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास में बोबाजार थाना प्रभारी बप्पादित्य नस्कर भी घायल हो गए।
भाजपा ने दावा किया कि झड़प के दौरान उसके उत्तरी कोलकाता जिला अध्यक्ष तमघनो घोष और कई पार्टी कार्यकर्ता घायल हो गए।
पार्टी नेताओं ने बताया कि घोष को अस्पताल ले जाया गया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि रैली स्थल की ओर जाते समय उनके समर्थकों पर हमला किया गया।
भाजपा के एक कार्यकर्ता ने एक बांग्ला समाचार चैनल से कहा, ''बिना किसी उकसावे के हम पर पत्थर फेंके गए। हमें गालियां भी दी गईं।''
पार्टी ने कहा कि इस दौरान भाजपा समर्थकों को ले जा रही बसों सहित कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
हालांकि, पांजा ने कहा, ''भाजपा ने जानबूझकर हमला किया, और उनके कुछ नेता जो आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे थे या उकसा रहे थे, उन्होंने लोगों को गुमराह करने के लिए खुद को अस्पतालों में भर्ती करा लिया।''
मंत्री ने आरोप लगाया, ''भाजपा के गुंडों ने हमला किया। रैली में जा रही बसों में ईंट, कांच की बोतलें और बम ले जाए जा रहे थे। उन्होंने गिरीश पार्क के नजदीक मुख्य मार्ग पर स्थित मेरे घर पर हमला किया।''
उन्होंने दावा किया कि समस्या तब शुरू हुई जब भाजपा समर्थकों ने इलाके में लगाए गए वे पोस्टर फाड़ दिए जिन पर भाजपा को वोट न देने का नारा लिखा था।
पांजा के अनुसार, जब टीएमसी कार्यकर्ताओं ने दोबारा पोस्टर लगाने की कोशिश की, तो भाजपा समर्थक बसों से उतर आए और कथित तौर पर उन पर हमला किया, जिसके बाद उनके घर की ओर पत्थर फेंके गए।
घटना का सीधे तौर पर जिक्र किए बिना, प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि ''पुलों को अवरुद्ध करके और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर'' भाजपा समर्थकों को ब्रिगेड परेड मैदान में पार्टी की रैली में शामिल होने से रोकने के प्रयास किए गए।
रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को रैली स्थल तक पहुंचने से रोकने के प्रयास में ''हर तरफ से उत्पीड़न'' का सामना करना पड़ा।
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनकी बसों पर उस समय पथराव किया जब वे उस क्षेत्र से गुजर रहे थे।
कुछ भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि स्थिति बिगड़ने पर पुलिस शुरू में निष्क्रिय रही।
बाद में, बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में किया।
इलाके में तनाव बढ़ने के बाद कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को ले जा रही कई बसों पर ईंट-पत्थर फेंके गए और पांजा के इशारे पर कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं की पिटाई भी की गई।
मजूमदार ने अस्पताल में कुछ घायल कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और कहा, "यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भाजपा की रैली में भारी भीड़ देखकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व कितना घबरा गया है।"
उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने पहले ही कुछ अपराधियों की पहचान कर ली है और वह अपने कार्यकर्ताओं पर होने वाले हर हमले का उचित जवाब देगी।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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