घुसपैठियों को बचाने के लिए तृणमूल एसआईआर का विरोध कर रही : मोदी
नेत्रपाल
- 14 Mar 2026, 09:25 PM
- Updated: 09:25 PM
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 14 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस पर ''घुसपैठियों से बने अपने वोट बैंक को बचाने'' के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया का विरोध करने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में बड़े पैमाने पर घुसपैठ की वजह से कई क्षेत्रों की जनसांख्यिकी बदल गई है।
मोदी ने यहां ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी पर तीखा हमला बोला और उस पर घुसपैठ को बढ़ावा देने, राज्य की जनसांख्यिकी को बदलने तथा संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव से पहले ''क्रूर'' ममता बनर्जी सरकार की ''उल्टी गिनती शुरू हो गई है''। राज्य में इस साल अप्रैल में चुनाव होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने राज्य के लिए घुसपैठ एक बड़ा सुरक्षा मुद्दा होने का दावा करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार ने चुनावी लाभ के लिए इसे प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों की जनसांख्यिकीय संरचना बदल गई है और बंगाली हिंदू अल्पसंख्यक बन रहे हैं।
मोदी ने आरोप लगाया, ''तृणमूल कांग्रेस की बेरोकटोक घुसपैठ के कारण बंगाल के कई इलाकों की जनसांख्यिकी बदल गई है। तृणमूल जानबूझकर कई जगहों पर हिंदुओं को अल्पसंख्यक बना रही है।''
उन्होंने विधानसभा चुनाव को राज्य के भविष्य के लिए एक निर्णायक लड़ाई करार देते हुए लोगों से राजनीतिक बदलाव लाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''यह चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं है। यह चुनाव बंगाल की आत्मा को बचाने का है। यह चुनाव 'कट मनी' को खत्म करने के लिए है। यह चुनाव भय से मुक्ति पाने का है।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी को एसआईआर प्रक्रिया से डर लगता है क्योंकि इससे अवैध मतदाताओं के नाम हटा दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा, ''ये लोग एसआईआर का विरोध इसलिए करते हैं ताकि घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से न हटाए जा सकें और मतदाता सूची को शुद्ध न किया जा सके। वे तो मृत व्यक्तियों के नाम भी हटाने को तैयार नहीं हैं।''
एसआईआर प्रक्रिया के बाद जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल नवंबर में प्रक्रिया शुरू होने के बाद से, मतदाताओं की संख्या का लगभग 8.3 प्रतिशत यानी 63.66 लाख नाम हटा दिए गए हैं, जिससे राज्य में मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर करीब 7.04 करोड़ रह गई है।
इनके अलावा करीब 60.06 लाख मतदाताओं को 'न्यायिक जांच के अधीन' श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि आने वाले हफ्तों में कानूनी जांच के माध्यम से उनकी पात्रता निर्धारित की जाएगी।
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के उपरांत 28 फरवरी को अंतिम मतदाता प्रकाशित होने के बाद मोदी का राज्य की यह पहला दौरा है। पश्चिम बंगाल में इस साल अप्रैल में 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव होने की संभावना है।
मोदी ने पश्चिम बंगाल के सत्तारूढ़ दल पर पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न की वजह से भागकर आए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने का विरोध करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''जब उत्पीड़ित हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने की बात आती है, तो तृणमूल इसका विरोध करती है क्योंकि वह उन्हें अपना वोट बैंक नहीं मानती है।''
चुनाव से पहले बंगाल में एसआईआर और घुसपैठ प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनकर सामने आया है, जहां भाजपा ने तृणमूल पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है, जबकि राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी का आरोप है कि एसआईआर का उद्देश्य वास्तविक मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करना है।
मोदी ने ममता बनर्जी सरकार पर अपना हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन आपराधिक तत्वों के समर्थन से काम करता है।
उन्होंने आरोप लगाया, ''तृणमूल सरकार गुंडों और अपराधियों के समर्थन से चलती है। जबरन वसूली और 'कट मनी' उनकी आय के स्रोत हैं। ऐसे गिरोहों को मजबूत करने के लिए वे घुसपैठियों को लाते हैं। घुसपैठियों के कारण बंगाल की रोटी, बेटी और जमीन खतरे में हैं।''
प्रधानमंत्री ने तृणमूल पर एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग सहित संवैधानिक संस्थानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''तृणमूल कांग्रेस निर्वाचन चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थानों को निशाना बनाने में व्यस्त है और यह शर्मनाक है।''
मोदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल संवैधानिक व्यवस्था पर हमला करने के लिए हर दिन नए तरीके खोजती है, और दावा किया कि जब भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की बात होती है तो हिंसा भड़क जाती है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने वाली संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और इसी तरह के संदेह देश के सशस्त्र बलों पर भी जताए जा रहे हैं।
मोदी ने कहा, ''उन्होंने बालाकोट हवाई हमले (2019 में) के बाद भारतीय वायुसेना से सबूत भी मांगे थे।''
उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी पर राज्य से संसद तक राजनीतिक अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''आपने देखा है कि संसद में कैसे कागज फाड़े जाते हैं और चर्चाओं में बाधा डाली जाती है। इस तरह के शर्मनाक व्यवहार से पूरा देश स्तब्ध है।''
उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के दिन गिने-चुने रह गए हैं।
मोदी ने कहा कि राज्य में भाजपा ''सबका साथ, सबका विकास'' के सिद्धांत पर सरकार चलाएगी।
उन्होंने कहा, ''बंगाल में 'महा जंगलराज' चलाने वालों के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मैं तृणमूल को याद दिलाना चाहता हूं कि उसके गुंडागर्दी के दिन लदने वाले हैं। वह दिन दूर नहीं जब बंगाल में एक बार फिर कानून का राज स्थापित होगा। कानून तोड़ने और अत्याचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।''
प्रधानमंत्री ने राजनीतिक धमकियों और हिंसा में कथित रूप से संलिप्त लोगों को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मोदी ने कहा, ''तृणमूल कांग्रेस के वे गुंडे जो आपको धमकाते हैं, उनके दिन अब लदने वाले हैं। अपराधी कानून से डरेंगे। घुसपैठिए कानून से डरेंगे। तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले कानून से डरेंगे। ऐसे अपराधियों के लिए सिर्फ एक ही जगह होगी - जेल, जेल, जेल।''
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल
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