युवा महोत्सव के जज की मौत: विपक्षी कांग्रेस ने सत्तारूढ़ माकपा और एसएफआई पर साधा निशाना
प्रशांत सुरेश
- 14 Mar 2024, 08:12 PM
- Updated: 08:12 PM
कन्नूर, 14 मार्च (भाषा) केरल विश्वविद्यालय युवा महोत्सव में निर्णायक मंडल का सदस्य रहे नृत्य शिक्षक शाजी की कथित आत्महत्या के बाद राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है, क्योंकि विपक्षी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र इकाई के सदस्यों ने उनके (शाजी के) साथ मारपीट की, जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली।
शाजी (51) को प्रतियोगिता परिणामों में हेरफेर करने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने बताया कि जमानत पर रिहा शाजी ने बुधवार की शाम करीब साढ़े सात बजे अपने आवास पर जहर खाकर अपनी जान दे दी।
पुलिस ने कहा कि शाजी के परिजनों ने उन्हें उनके कमरे में शाम करीब साढ़े सात बजे मृत पाया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को इस बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने कहा कि इस मामले में जांच शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि घटनास्थल से शाजी द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि वह निर्दोष हैं और उन्होंने प्रतियोगिता के सिलसिले में किसी से कोई पैसा नहीं लिया है।
परिवार ने जहां यह कहते हुए घटना की व्यापक जांच की मांग की कि वह निर्दोष थे, वहीं विपक्षी कांग्रेस ने सत्तारूढ़ माकपा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उसकी छात्र शाखा एसएफआई मौत के लिए जिम्मेदार है।
शाजी की मां और भाई ने मीडियाकर्मियों से कहा कि वह विश्वविद्यालय की घटनाओं को लेकर गिरफ्तार किए जाने से उदास था। उन्होंने बताया कि वह रोया था और उनसे कहा था कि उसे किसी ने फंसाया है।
शाजी के भाई ने मीडिया को बताया, “पूछने पर उसने मुझे आश्वासन दिया कि वह निर्दोष है। प्रतियोगिता के परिणाम में हेरफेर के लिए कई लोगों ने उनसे संपर्क किया था। उन्हें संदेश तो मिले, लेकिन उन्होंने कभी जवाब नहीं दिया।”
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के. सुधाकरन ने इस घटना को लेकर एसएफआई पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि तिरुवनंतपुरम में आयोजित युवा महोत्सव के दौरान वामपंथी कार्यकर्ताओं ने शाजी पर हमला किया था।
सतीशन ने आरोप लगाया, “उन्हें केरल विश्वविद्यालय युवा महोत्सव में एक प्रतियोगिता के निर्णायक के तौर पर आमंत्रित किया गया था, लेकिन उनके साथ मारपीट की गई और उनका अपमान किया गया। इससे उनका दिल टूट गया और उन्होंने आत्महत्या कर ली।”
इससे पहले दिन में, सुधाकरन कन्नूर में शाजी के घर गये और आरोप लगाया कि नृत्य शिक्षक की मौत के लिए एसएफआई जिम्मेदार है।
पुलिस ने कहा कि सुसाइड नोट में शाजी ने यह भी लिखा है कि उन्होंने उन लोगों को अंक दिए जो इसके हकदार थे।
तिरुवनंतपुरम पुलिस ने शनिवार को केरल विश्वविद्यालय युवा महोत्सव में आयोजित मार्गमकली प्रतियोगिता के परिणामों में हेरफेर करने के लिए रिश्वतखोरी के आरोप में शाजी और दो अन्य लोगों जोमेट व सूरज को गिरफ्तार किया था।
विवाद के बाद प्रतियोगिता रद्द कर दी गई थी।
विश्वविद्यालय के कुलपति ने विभिन्न शिकायतों और छात्रों द्वारा हिंसा की घटनाओं के बाद 11 मार्च को युवा महोत्सव को निलंबित कर दिया था।
केरल राज्य की उच्च शिक्षा मंत्री आर. बिंदू ने कहा कि शाजी की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। एसएफआई द्वारा शाजी पर हमला करने के विपक्ष के आरोपों के बीच बिंदू ने कहा कि ऐसा लगता है कि कुछ लोगों ने उत्सव में घुसपैठ की और परेशानी पैदा की।
उन्होंने कहा, “मौत दुर्भाग्यपूर्ण थी। ऐसा लगता है कि कुछ लोगों ने युवा महोत्सव में घुसपैठ की और परेशानी पैदा की। पुलिस जांच के बाद असली तस्वीर सामने आएगी। आजकल परिसरों में मुद्दे पैदा करने की कोशिशें हो रही हैं। हम उच्च शिक्षा क्षेत्र की अपनी गुणवत्ता में सुधार करने में सक्षम हैं और ऐसी घटनाओं का उद्देश्य हमारी छवि खराब करना है।”
भाषा प्रशांत