पात्र विनिर्माता-आयातकों को मार्च से मिलेगी सीमा शुल्क स्थगन सुविधा
मनीषा
- 26 Feb 2026, 01:45 PM
- Updated: 01:45 PM
नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) राजस्व विभाग अगले महीने से पात्र विनिर्माता-आयातकों के लिए 30 दिन की सीमा शुल्क स्थगन सुविधा शुरू करेगा। इससे इन आयातकों को अपनी पूंजी का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकरी दी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के बजट में प्रस्ताव किया था कि पात्र विनिर्माता-आयातकों को वही सीमा शुल्क स्थगन सुविधा दी जाए जो अधिकृत आर्थिक संचालकों (एईओ) को उपलब्ध है।
यह कदम ऐसे आयातकों को समय के साथ पूर्ण विकसित टियर-3 एईओ के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बजट में टियर-2 और टियर-3 एईओ के लिए शुल्क स्थगन अवधि को 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन भी किया गया था।
सीमा शुल्क सुधारों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी-2026 में राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव (सीमा शुल्क) अनुपम प्रकाश ने कहा कि वर्तमान में करीब 6,000 इकाइयां सीमा शुल्क के ''विश्वसनीय परिवेश' के तहत कार्य कर रही हैं, जिनमें से 1,500 इकाइयों को एईओ टियर-2 और टियर-3 की मान्यता प्राप्त है।
भारतीय सीमा शुल्क के अधिकृत आर्थिक संचालक (एईओ) कार्यक्रम के तहत टियर-2 और टियर-3 आयातकों एवं निर्यातकों के लिए उच्च स्तर के प्रमाणन हैं। इनका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सुरक्षा और सुविधा को बढ़ावा देना है। यह आयातकों/निर्यातकों को तेज निकासी, कम जांच एवं शुल्क स्थगन जैसी विशेष सुविधाएं प्रदान करते हैं।
अधिकारी ने कहा, '' हम विश्वसनीय परिदृश्य में इकाइयों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं। पात्र विनिर्माता-आयातकों के लिए प्रक्रिया अगले महीने से शुरू होगी। उन्हें वही शुल्क स्थगन सुविधा मिलेगी और इन आयातकों के पास उपलब्ध पूंजी में सुधार होगा जिससे वे विनिर्माण एवं निर्यात में योगदान दे सकेंगे।''
उन्होंने साथ ही कहा कि सीमा शुल्क विभाग अन्य सरकारी विभागों के साथ भी चर्चा कर रहा है कि इस विश्वसनीय परिवेश को और कैसे मजबूत किया जा सकता है।
इसका मतलब है कि अगले महीने से पात्र विनिर्माता-आयातक, आयात के दिन ही माल की निकासी कर सकेंगे और उन्हें 30 दिन के भीतर सीमा शुल्क का भुगतान करने का विकल्प मिलेगा।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा
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