रक्षा सुधारों के एक दशक का लाभ 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान देखने को मिला: प्रधानमंत्री मोदी
दिलीप
- 15 Feb 2026, 08:29 PM
- Updated: 08:29 PM
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि रक्षा सुधारों के एक दशक के लाभ 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। उन्होंने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि भारत को सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए हर समय तैयार रहना होगा।
मोदी ने 'पीटीआई-भाषा' के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि विश्व में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे देश के रूप में, भारत का यह कर्तव्य है कि वह वर्तमान वास्तविकताओं के अनुरूप अपने रक्षा क्षेत्र का आधुनिकीकरण करे।
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित 7.85 लाख करोड़ रुपये का हवाला देते हुए कहा कि यह आवंटन पिछले बजट से 15 प्रतिशत अधिक है और किसी भी मंत्रालय या विभाग को दिया गया अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है।
उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही सरकार का रुख स्पष्ट रहा है कि वह देश के रक्षा बलों का समर्थन करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
मोदी ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों को भारतीय नवाचार और उद्योग के सर्वश्रेष्ठ उपकरणों से लैस होना चाहिए, क्योंकि प्रौद्योगिकी दुनिया को नया आकार दे रही है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पिछले 11 वर्षों से इस क्षेत्र में आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर काम कर रही है।
'ऑपरेशन सिंदूर' पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों द्वारा दिखाए गए साहस पर पूरा देश गर्व महसूस करता है।
उन्होंने लिखित साक्षात्कार में कहा, ''ऑपरेशन के दौरान, पिछले दशक में हमने जो सुधार किए हैं, उनके लाभ स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। इसलिए, रक्षा बजट, आधुनिकीकरण आदि, ये सभी हमारे निरंतर प्रयासों के हिस्से हैं और इन्हें किसी विशेष मुद्दे से जोड़ने की आवश्यकता नहीं है।''
प्रधानमंत्री से पूछा गया कि क्या रक्षा क्षेत्र के लिए अधिक बजटीय आवंटन 'ऑपरेशन सिंदूर' से मिली सीख का हिस्सा है, और क्या यह भारत के पड़ोसियों, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है, पर निरंतर अविश्वास का संकेत भी देता है।
उन्होंने कहा, ''हां, सच्चाई यह है कि हमारे देश को मजबूत और हर समय तैयार रहना होगा, और हम यही कर रहे हैं।''
मोदी ने कहा कि सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है।
उन्होंने कहा, ''इस वर्ष के बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह पिछले बजट से 15 प्रतिशत अधिक है और किसी भी मंत्रालय या विभाग को आवंटित की गई अब तक की सबसे बड़ी राशि है।''
उन्होंने कहा, ''अगर आप विवरणों पर भी गौर करें, तो कुछ उल्लेखनीय पहलू हैं। आधुनिकीकरण के लिए 1.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के आवंटन से 25 प्रतिशत अधिक है।''
मोदी ने कहा कि तीनों सेनाओं के लिए पूंजीगत व्यय आवंटन लगभग 2.2 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से 75 प्रतिशत घरेलू रक्षा उद्योगों से खरीद के लिए निर्धारित है।
उन्होंने कहा, ''इससे न केवल सुरक्षा बढ़ती है बल्कि रोजगार भी पैदा होते हैं और हमारा औद्योगिक आधार मजबूत होता है। इसके परिणाम पहले से ही दिखाई दे रहे हैं - रक्षा निर्यात 23,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो पिछले दशक में लगभग 35 गुना वृद्धि है, और स्वदेशी रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति ''बहुत संवेदनशील'' रही है।
उन्होंने कहा, ''"इसलिए, स्वास्थ्य सेवा योजना के लिए आवंटित राशि 12,000 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रतिशत के हिसाब से यह 45 प्रतिशत की वृद्धि है। लेकिन कुछ और बात है, जिसे मैं रिकॉर्ड पर रखना चाहता हूं..."।
मोदी ने कहा, ''पहले दिन से ही हमारी सरकार का रुख स्पष्ट रहा है - हम अपने रक्षा बलों का समर्थन करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। हां, इस साल का आवंटन रिकॉर्ड स्तर पर है, लेकिन इसे अलग से देखने से सीमित परिप्रेक्ष्य ही मिलता है।''
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि राजग सरकार ने ही चार दशकों से चली आ रही 'ओआरओपी' (वन-रैंक-वन-पेंशन) की मांग को पूरा किया है।
उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकारों की परोक्ष रूप से आलोचना करते हुए कहा, ''यह हमारी सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है कि दशकों तक देश पर शासन करने वालों ने रक्षा क्षेत्र का इस्तेमाल केवल अपनी जेबें भरने के लिए किया, जैसा कि उनके कार्यकाल के दौरान हुए रक्षा संबंधी घोटालों की संख्या से स्पष्ट है।''
मोदी ने रक्षा आधुनिकीकरण के लिए अपनी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, ''हम पिछले 11 वर्षों से इस क्षेत्र में आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर काम कर रहे हैं। इस क्षेत्र में अब काम कर रहे स्टार्टअप की संख्या देखिए।''
उन्होंने कहा, ''हम भारतीय प्रतिभाओं को हमारी सेनाओं का समर्थन करने और एक मजबूत भारत के निर्माण में योगदान देने का अवसर देने में विश्वास रखते हैं।''
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप
1502 2029 दिल्ली