दिल्ली के द्वारका से शूटर गिरफ्तार
दिलीप
- 15 Feb 2026, 04:32 PM
- Updated: 04:32 PM
नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने कौशल चौधरी गिरोह से कथित रूप से जुड़े 22 वर्षीय एक शूटर को द्वारका क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि संगठित जबरन वसूली की साजिश के तहत उसे बुराड़ी के एक कारोबारी की हत्या का काम सौंपा गया था। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान भलस्वा डेयरी निवासी कुलदीप सिंह के रूप में हुई है। अधिकारी के अनुसार, उसे द्वारका में लक्षित निगरानी अभियान के बाद गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से एक पीएक्स-30 ऑटोमैटिक पिस्तौल, एक 7.65 एमएम की अत्याधुनिक पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक चोरी की स्कूटर भी जब्त की, जिसका इस्तेमाल वह कथित तौर पर कर रहा था। उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, खुफिया सूचना मिली थी कि विदेश में सक्रिय गैंगस्टर पवन शौकीन और गुरदीप उर्फ 'पा जी' ने अपने स्थानीय नेटवर्क को सक्रिय कर दिल्ली में लक्षित हत्या की योजना बनाई है।
पुलिस ने बताया कि सिंह पहले वर्ष 2024 में पंजाब में पांच करोड़ रुपये की जबरन वसूली और गोलीबारी के एक मामले में कथित रूप से शामिल रहा है। उसे गिरोह का वर्चस्व स्थापित करने और वसूली नेटवर्क का विस्तार करने के लिए बुराड़ी के एक कारोबारी की हत्या का जिम्मा सौंपा गया था।
पुलिस ने बताया कि सात फरवरी को द्वारका के सेक्टर-17 स्थित निर्माणाधीन बाजार के पास पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया।
अधिकारी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि स्कूटर उत्तर प्रदेश से चोरी किया गया था।
पूछताछ के दौरान सिंह ने कथित रूप से बताया कि वर्ष 2019 में संपत्ति विवाद में पिता की हत्या के बाद उसने कॉलेज छोड़ दिया था और बाद में आपराधिक तत्वों के संपर्क में आया।
पुलिस के अनुसार, उसकी पहचान प्रदीप उर्फ बंटू के माध्यम से गिरोह के सदस्यों से हुई और बाद में उसने विदेश में बैठे संचालकों से संपर्क स्थापित किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने वर्ष 2024 में पंजाब और दिल्ली में गोलीबारी और जबरन वसूली की कई घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है। वह 'एन्क्रिप्टेड' संचार मंचों के जरिए गिरोह के संचालकों के संपर्क में था। उसने कथित तौर पर अंबाला से हथियार जुटाए और कुछ खेप अन्य राज्यों में गिरोह के नेटवर्क के जरिये पहुंचाई।
पुलिस के मुताबिक, वह लक्षित कारोबारी की रेकी कर चुका था और गिरफ्तारी से पहले उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में गिरोह के सहयोगियों के साथ समन्वय कर रहा था।
मामले में अन्य सदस्यों की पहचान और हत्या व जबरन वसूली की व्यापक साजिश का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
भाषा
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