स्वास्थ्य का अधिकार कानून पर मंत्री के बयान को लेकर राजस्थान विधानसभा में विपक्ष ने किया हंगामा
शफीक
- 12 Feb 2026, 03:52 PM
- Updated: 03:52 PM
जयपुर, 12 फरवरी (भाषा) राजस्थान विधानसभा में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य का अधिकार कानून के तहत नियम बनाने के मुद्दे पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के जवाब को लेकर हंगामा हुआ।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा कि यह अधिनियम 12 अप्रैल 2023 को अधिसूचित हुआ था, लेकिन दो साल बाद भी इसके नियम नहीं बने। उन्होंने पूछा कि नियम क्यों नहीं बनाए गए।
जवाब में मंत्री खींवसर ने कहा कि यह कानून कांग्रेस सरकार चुनाव से पहले ''राजनीतिक लाभ'' के लिए लाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विधेयक अचानक पेश किया गया था, और हितधारकों की राय शामिल नहीं की गई।
खींवसर ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार पहले से ही मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (एमएए) योजना लागू कर रही है, जो व्यापक है और इसके चलते स्वास्थ्य का अधिकार कानून की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में नियम क्यों नहीं बनाए।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, ''सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह नियम बनाएगी या नहीं।''
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही है। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदस्यों को अपनी सीटों पर लौटने को कहा और चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करने पर सदन स्थगित कर दिया जाएगा।
थोड़ी देर के व्यवधान के बाद विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर लौट आए।
बाद में कांग्रेस विधायकों ने मंत्री के बयान का विरोध करते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मंत्री के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विधानसभा में चिकित्सा मंत्री का यह कहना कि स्वास्थ्य का अधिकार कानून की जरूरत नहीं है, निंदनीय है और गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चिरंजीवी योजना और निरोगी राजस्थान योजना जैसी सार्वभौमिक स्वास्थ्य योजनाओं के बावजूद स्वास्थ्य का अधिकार कानून की परिकल्पना की थी ताकि आपात स्थिति में कोई भी मरीज इलाज से वंचित न रहे।
गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार अधिनियम के तहत नियम बनाने में विफल रही है और अब बहाने बना रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का उद्देश्य जनता को महंगे इलाज से बचाना था, जबकि भाजपा सरकार चिकित्सा जगत से जुड़े शक्तिशाली समूहों के दबाव में कानून को ही अनावश्यक बता रही है।
भाषा बाकोलिया अमित शफीक
शफीक
1202 1552 जयपुर