मालीवाल प्रकरण पर माफी मांगे केजरीवाल: सीतारमण
ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र रंजन
- 17 May 2024, 04:36 PM
- Updated: 04:36 PM
नयी दिल्ली, 17 मई (भाषा) केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम आदमी पार्टी (आप) की सांसद स्वाति मालीवाल पर कथित हमले के मुद्दे पर नहीं बोलने के लिए शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आलोचना की और कहा कि वह इसके बजाय आरोपी बिभव कुमार के साथ ‘बेशर्मी’ से घूम रहे हैं।
भाजपा मुख्यालय में यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीतारमण ने मांग की कि आप संयोजक इस मामले पर बयान दें और 13 मई को मालीवाल पर उनके आधिकारिक आवास पर हुए कथित हमले के लिए माफी मांगें। मुख्यमंत्री केजरीवाल आप के राष्ट्रीय संयोजक भी हैं।
सीतारमण ने कहा कि आप सांसद संजय सिंह ने मामले में कार्रवाई का वादा किया था लेकिन केजरीवाल अगले दिन आरोपी के साथ लखनऊ में देखे गए और वह ‘बेशर्मी’ से उसके साथ घूम रहे थे।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने इसे घाव में नमक छिड़कने के समान करार दिया और कहा, ‘‘यह तो बेशर्मी की पराकाष्ठा है।’’
भाजपा की वरिष्ठ नेता ने नई दिल्ली लोकसभा सीट से उम्मीदवार सोमनाथ भारती समेत ‘आप’ के कई नेताओं के खिलाफ महिलाओं पर हमले के पूर्व के आरोपों का जिक्र करते हुए दावा किया कि दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी ‘महिला विरोधी’ है।
उन्होंने कहा कि पूर्व आईएफएस अधिकारी और आप के संस्थापक सदस्य मधु भादुड़ी ने यह कहते हुए पार्टी छोड़ दी थी कि इसमें महिलाओं के साथ इंसानों जैसा व्यवहार नहीं किया जाता और इसकी मानसिकता खाप पंचायतों सी है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि गांधी परिवार के सदस्य सोमनाथ भारती को वोट देंगे, जिन पर अपनी गर्भवती पत्नी पर हमला करने का आरोप है।
उन्होंने कहा कि यह ‘अविश्वसनीय और अस्वीकार्य’ है कि केजरीवाल ने अपनी पार्टी के सांसद पर हमले पर एक शब्द नहीं बोला।
मालीवाल ने शुक्रवार को मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें बिभव कुमार पर मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर हमला करने का आरोप लगाया गया था।
सीतारमण ने कहा कि मालीवाल पर उस समय हमला किया गया जब केजरीवाल अपने घर में थे।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी में महिलाएं हैरान हैं कि क्या मुख्यमंत्री उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम हैं।
सीतारमण ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों को केजरीवाल से इस मुद्दे पर सफाई देने के लिए कहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्यथा महिलाओं के लिए उनके नारे केवल दिखावटी साबित होंगे।
मालीवाल को पुलिस में आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज कराने में कुछ दिन का समय लेने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि उन पर उच्च स्तर का दबाव था।
मालीवाल दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख भी रह चुकी हैं।
भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र