भाजपा-जद(एस) ने कर्नाटक विधानसभा में रातभर के लिए धरना-प्रदर्शन शुरू किया
पवनेश
- 03 Feb 2026, 10:30 PM
- Updated: 10:30 PM
बेंगलुरु, तीन फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) ने आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्य के आबकारी मंत्री आर. बी. तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा में रातभर के लिए धरना प्रदर्शन शुरू किया
भाजपा का आरोप है कि आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है और शराब लाइसेंस जारी करने के लिए रिश्वत मांगी जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने आरोप लगाया कि कथित घोटाला 6,000 करोड़ रुपये का है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी कांग्रेस इस पैसे का इस्तेमाल चुनावी राज्यों में पार्टी के वित्तपोषण के लिए कर रही है।
विपक्ष विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाता रहा है। हालिया घटनाक्रम 16 जनवरी को बेंगलुरु शहरी जिले के आबकारी उपायुक्त जगदीश नाईक और दो अन्य अधिकारियों की लोकायुक्त अधिकारियों द्वारा 25 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए कथित तौर पर गिरफ्तारी के बाद सामने आया।
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, उन पर सीएल-7 (होटल और बोर्डिंग हाउस) और 'माइक्रो ब्रूअरी' लाइसेंस जारी करने के लिए 80 लाख रुपये की मांग करने का आरोप है।
मंत्री ने भाजपा की इस्तीफे की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि भाजपा सरकार के दौरान किसी भी मंत्री ने कभी इस्तीफा नहीं दिया।
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री ने विधानसभा में कहा, ''भ्रष्टाचार का मुद्दा नई बात नहीं है, खासकर मेरे विभाग में।''
तिम्मापुर ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से चर्चा करने के बाद हर स्तर पर भ्रष्टाचार को कम करने और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मंत्री ने कहा कि वाइन मर्चेंट्स एसोसिएशन द्वारा सभी मंत्रियों पर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें जे. एच. पटेल, रेणुकास्वामी और कट्टा सुब्रमण्या नायडू शामिल हैं। अब यह संघ पिछले 20 वर्षों से अस्तित्व में नहीं है।
तिम्मापुर ने दावा किया, ''मंत्री बनने के बाद मैंने प्रक्रिया को सरल बनाया और परामर्श प्रणाली शुरू की। मैंने हर पांच साल में नवीनीकरण का प्रावधान किया क्योंकि सालाना नवीनीकरण से परेशानी होती थी। क्या यह बदलाव नहीं था? सीएल-7 के लिए 16 'लॉगइन' की आवश्यकता होती थी, जिससे प्रक्रिया में देरी होती थी। मैंने इन 'लॉगइन' को घटाकर सात कर दिया।''
तिम्मापुर ने कहा कि उन्हें पता है कि कुछ लोगों के पास 20 से 100 बेनामी लाइसेंस हैं। मंत्री ने कहा, ''क्या कमजोर वर्ग के लोगों को लाइसेंस नहीं मिलने चाहिए? इसीलिए मैंने ई-नीलामी शुरू की।''
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा शासन के दौरान कई घोटाले हुए, जिनमें अंडा घोटाला, एपीएमसी घोटाला, भोवी विकास निगम घोटाला, देवराज उर्स टर्मिनल घोटाला, गंगा कल्याण योजना घोटाला, पर्यटन विभाग घोटाला, केओनिक्स (केईओएनआईसीएस) घोटाला, बिटकॉइन, कोविड-19 घोटाला और पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा और उनके बेटे तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र के संपत्ति घोटाले शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ''कितने मंत्रियों ने इस्तीफा दिया? किसी ने नहीं। मैंने मुख्यमंत्री से चर्चा करने के बाद कई सुधार लागू किए। मेरी संलिप्तता शून्य है। क्या मुझे इस्तीफा देना चाहिए? मैंने क्या गलती की है? भ्रष्टाचार में मेरी संलिप्तता की इन सभी झूठी कहानियों को मैं खारिज करता हूं।''
उन्होंने भाजपा नेताओं को अपने आरोपों को साबित करने की चुनौती दी। जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने कांग्रेस सरकार और मंत्री के खिलाफ नारे लगाए।
हंगामा जारी रहने पर विधानसभा अध्यक्ष यू टी खादर ने सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया। जल्द ही भाजपा और जद (एस) के विधायक सदन में विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए और कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे तथा मंत्री के इस्तीफे की मांग करने लगे।
अशोक ने रात भर चलने वाले प्रदर्शन की घोषणा की। अशोक के कार्यालय द्वारा साझा किए गए वीडियो और तस्वीरों में विधायक सदन में विधानसभा अध्यक्ष के आसान के सामने पोस्टर और तख्तियां लिए खड़े दिखाई दे रहे हैं।
अशोक ने कहा, ''जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते, हम सदन के अंदर आंदोलन जारी रखेंगे।''
भाषा संतोष पवनेश
पवनेश
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