दिल्ली में यातायात पुलिसकर्मियों को वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने के दो और आरोपी गिरफ्तार: पुलिस
नेत्रपाल
- 01 Feb 2026, 05:40 PM
- Updated: 05:40 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर जबरन वसूली करने वाले दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी उन गिरोहों से जुड़े थे जो यातायात पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाकर गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्ड करके तथा उनमें हेरफेर करके उन्हें ब्लैकमेल करते थे। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि दो लोगों की गिरफ्तारी के साथ ही दोनों मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या 10 हो गई है और इनमें कथित गिरोह सरगना जीशान अली तथा राजकुमार उर्फ राजू मीना भी शामिल हैं।
पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) संजीव कुमार यादव ने एक बयान में कहा, ''आरोपियों को अपराध शाखा द्वारा एक संगठित यातायात धोखाधड़ी और जबरन वसूली नेटवर्क की जारी जांच के तहत चलाए गए दो अलग-अलग अभियानों में गिरफ्तार किया गया।''
अधिकारी ने बताया कि पहले अभियान में पुलिस ने आमिर चौधरी उर्फ सिकंदर को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि सिकंदर, पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके जीशान अली के संगठित अपराध गिरोह का कथित सदस्य है।
उन्होंने कहा कि यह गिरोह आधिकारिक ड्यूटी के दौरान गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्ड करके और बाद में ब्लैकमेल करने के लिए उनका इस्तेमाल करके यातायात पुलिसकर्मियों तथा अन्य सरकारी अधिकारियों से पैसे वसूलने में शामिल था।
अधिकारी ने कहा, ''दूसरे अभियान में गिरोह के सरगना राजकुमार उर्फ राजू मीना के प्रमुख सहयोगी संजय गुप्ता को गिरफ्तार किया गया।''
उन्होंने बताया कि राजकुमार मीना और रियाजुद्दीन ने गुप्ता को आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते समय यातायात पुलिसकर्मियों के वीडियो रिकॉर्ड करने और उनमें हेरफेर करने का प्रशिक्षण दिया तथा बाद में पीड़ितों के खिलाफ कार्रवाई की धमकी देकर उनसे पैसे वसूलने के लिए उनका इस्तेमाल किया।
पहला मामला यातायात पुलिसकर्मियों की शिकायत पर शुरू किया गया था, जब एक हल्के वाणिज्यिक वाहन के चालक ने फर्जी ''03 मार्च'' स्टिकर प्रदर्शित करके और चालान से छूट का दावा करते हुए जांच से बचने का प्रयास किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने व्यावसायिक वाहन चालकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले व्हाट्सएप समूहों का विश्लेषण किया और एक संगठित अपराध गिरोह का खुलासा किया जो एक समानांतर अवैध प्रणाली चला रहा था।
आरोप है कि इस गिरोह ने व्यावसायिक वाहन चालकों और मालिकों को धोखा दिया, साथ ही चालान की कार्यवाही के दौरान वीडियो रिकॉर्ड करके और बाद में उन्हें संपादित करके झूठी शिकायतें दर्ज कराने की बात कहकर यातायात पुलिसकर्मियों से पैसे की उगाही की।
पुलिस उपायुक्त ने कहा, ''जीशान अली को इस साजिश का मुख्य साजिशकर्ता माना गया, जिसके बाद पिछले साल मुख्य आरोपी समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।''
उन्होंने कहा, ''दूसरा मामला राजकुमार उर्फ राजू मीना का है। वह 2015 से सक्रिय एक आदतन अपराधी है और अपने साथियों के साथ मिलकर ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाता था। उसे पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था।''
राजकुमार मीना को आठ दिसंबर को और सह-आरोपी मुकेश उर्फ पकोड़ी को 11 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था, जबकि संजय गुप्ता और आमिर चौधरी को 20 जनवरी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि जांच जारी है।
भाषा
शुभम नेत्रपाल
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