उद्योग जगत ने आम बजट को बताया भरोसा बढ़ाने वाला
अजय
- 01 Feb 2026, 07:11 PM
- Updated: 07:11 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय बजट 2026-27 को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने दूरदर्शी और भरोसा बढ़ाने वाला बताते हुए कहा कि यह बजट आर्थिक वृद्धि को गति देने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह बजट भारत की विकास यात्रा को स्थिर और मजबूत दिशा देता है।
बनर्जी ने राजकोषीय अनुशासन पर सरकार के जोर का स्वागत करते हुए कहा, ''वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य भारत के आर्थिक प्रबंधन में भरोसा बढ़ाता है।''
उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाना निजी निवेश को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बजट में सेमीकंडक्टर, बायोफार्मा, रसायन, पूंजीगत वस्तुएं, वस्त्र, खेल सामग्री, महत्वपूर्ण खनिज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
एमएसएमई क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि एसएमई विकास कोष, बेहतर ऋण सुविधा, डिजिटल भुगतान व्यवस्था और सरल अनुपालन प्रक्रियाओं से छोटे और मझोले उद्योगों को लाभ और रोजगार सृजन को बल मिलेगा।
खनन क्षेत्र से जुड़ी प्रतिक्रिया में एसोचैम के ईस्टर्न इंडिया माइनिंग काउंसिल के चेयरमैन संजीव गणेरिवाला ने कहा, ''बजट में ओडिशा, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में दुर्लभ और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए विशेष गलियारा विकसित करने पर जोर दिया गया है।''
उन्होंने कहा कि इससे खनन, प्रसंस्करण और परिष्करण को बढ़ावा मिलेगा तथा इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा, अंतरिक्ष और बैटरी भंडारण जैसी प्रौद्योगिकियों के विकास में मदद मिलेगी।
वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेश चंद्रा ने बजट का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और राजकोषीय अनुशासन पर ध्यान जारी है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि से औद्योगिक गतिविधियों और वाहन क्षेत्र को गति मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों के विनिर्माण को समर्थन, दुर्लभ खनिजों के लिए समर्पित गलियारे, पूर्वोदय राज्यों के लिए 4,000 इलेक्ट्रिक बस का आवंटन और लिथियम-आयन बैटरी विनिर्माण में उपयोग होने वाली मशीनरी पर सीमाशुल्क छूट से देश में इलेक्ट्रिक वाहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से अवाडा समूह के चेयरमैन विनीत मित्तल ने कहा कि बजट महत्वाकांक्षा, वृद्धि और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाता है।
उन्होंने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय, अवसंरचना जोखिम गारंटी कोष और परिवहन, डिजिटल तथा लॉजिस्टिक्स पर दिए गए जोर को सकारात्मक बताया।
वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बजट में महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिजों पर सरकार के विशेष ध्यान का स्वागत किया।
उन्होंने कहा, ''इससे खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।''
अग्रवाल ने पूंजीगत वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट और विशेष आर्थिक क्षेत्रों में मजबूती को भी उद्योग के लिए लाभकारी बताया तथा प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को बधाई दी।
उन्होंने कहा," मैं प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को बधाई देना चाहूंगा, जो अनिश्चितत समय के बीच भी अर्थव्यवस्था को स्थिरता से चला रहे हैं।''
जैव-प्रौद्योगिकी कंपनी बायोकॉन की प्रमुख किरण मजूमदार-शॉ ने रविवार को कहा कि केंद्रीय बजट भारत के स्वास्थ्य और नवाचार के भविष्य में निर्णायक निवेश करता है।
उन्होंने बताया कि बजट ने बायोफार्मा को सात रणनीतिक उभरते क्षेत्रों में शामिल किया है और अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 'बायोफार्मा शक्ति' योजना शुरू की है।
किरण मजूमदार-शॉ ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "बायोफार्मा को सात रणनीतिक उभरते क्षेत्रों में शामिल करके और पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ बायोफार्मा शक्ति योजना शुरू करके केंद्रीय बजट ने भारत के स्वास्थ्य और नवाचार के भविष्य में निर्णायक निवेश किया है।"
कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक और निदेशक उदय कोटक ने इसे वास्तविक अर्थव्यवस्था के लिए बजट बताया।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर कहा, "रक्षा खर्च में वृद्धि स्वागत योग्य है। व्यापक वित्तीय अनुशासन जारी है। यह अर्थव्यवस्था के वित्तीयकरण और दीर्घकालिक रूप से विविध, समृद्ध भारत के केंद्रित विकास के बीच संतुलन बनाने पर काम करता है।"
महिंद्रा ग्रुप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) अनीश शाह ने कहा कि बजट का मुख्य उद्देश्य भारत की दुनिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना, आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस कदम उठाना और आर्थिक वृद्धि के लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा, "हम विशेष रूप से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय में 12.2 लाख करोड़ रुपये की उल्लेखनीय वृद्धि का स्वागत करते हैं, जो देश भर में बुनियादी ढांचे, क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन पर स्पष्ट नीतिगत ध्यान को दर्शाती है।"
उद्योग मंडल फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा कि यह बजट संतुलित और भरोसेमंद है। इसमें विकास, समावेशन और युवा-शक्ति पर साफ़ ध्यान दिया गया है। साथ ही, लगातार सुधारों, सार्वजनिक पूंजीगत खर्च को बढ़ावा, कारोबार सुगमता और विनिर्माण, एमएसएमई, कृषि व सेवा क्षेत्रों पर जोर देकर स्थिरता और निरंतरता सुनिश्चित की गई है।
भाषा योगेश अजय
अजय
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