भारत में पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार से ज्यादा भ्रष्ट कोई सरकार नहीं है : अमित शाह
आशीष
- 31 Jan 2026, 08:08 PM
- Updated: 08:08 PM
कोलकाता/सिलीगुड़ी, 31 जनवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार जितनी भ्रष्ट कोई और सरकार देश में नहीं है।
उन्होंने राज्य सरकार पर चुनावी लाभ के लिए पश्चिम बंगाल में सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
विधानसभा चुनाव से पहले सिलीगुड़ी में आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में शाह ने कहा कि टीएमसी सरकार ने केंद्र सरकार से मिले 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कोष को न केवल 'सिंडिकेट' के जरिए हड़प लिया, बल्कि महत्वपूर्ण सीमा सुरक्षा उपायों में भी बाधा डाली, जिससे राज्य में घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गई।
शाह ने दावा किया, ''देश में ममता बनर्जी की सरकार जितनी भ्रष्ट कोई और सरकार नहीं है। बंगाल में भ्रष्टाचार व्यवस्था का हिस्सा बन गया है।''
उन्होंने शिक्षकों की भर्ती, एसएससी में अनियमितताएं, मवेशियों की तस्करी, राशन वितरण, मनरेगा और पीएम आवास जैसी योजनाओं में कथित घोटाले गिनवाए।
उन्होंने दावा किया, ''सवाल पूछने के लिए रिश्वत प्रकरण, शिक्षक भर्ती घोटाला, एसएससी घोटाला, नगर पालिका भर्ती घोटाला, मवेशी तस्करी घोटाला, राशन घोटाला, मनरेगा घोटाला, पीएम आवास घोटाला – कुल मिलाकर 10 लाख करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ।''
शाह ने टीएमसी के जेल में बंद और कई आरोपी नेताओं के नाम लेते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, "अगर आप भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करतीं, तो इन 23 लोगों को टिकट न दें। लेकिन वह टिकट देंगी, क्योंकि अगर वह ऐसा नहीं करती हैं तो, वे फाइलें खोल देंगे। "
शाह ने भाजपा की 2026 की चुनावी रणनीति पेश करते हुए "घुसपैठ, सिंडिकेट राज और डर मुक्त 'सोनार बांग्ला' बनाने का वादा किया और कहा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल के सभी सीट जीतेगी।
उन्होंने कहा, "भाजपा को एक मौका दें। हम एक 'सोनार बांग्ला' बनाएंगे। एक परिंदा भी गैरकानूनी रूप से प्रवेश नहीं कर पाएगा।''
शाह ने कहा कि लोग टीएमसी की "कट मनी कल्चर (कमीशन), सिंडिकेट और जबरन वसूली" से तंग आ चुके हैं।
शाह ने राज्य सरकार पर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी ने बार-बार अनुरोध के बावजूद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, "मैंने संसद में कहा था कि बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन चाहिए। मैंने ममता बनर्जी को सात बार पत्र लिखा। मैं खुद उनसे मिलने भी गया। गृह सचिव सात बार गए। फिर भी जमीन नहीं दी गई।"
गृह मंत्री ने कहा, "बंगाल में घुसपैठ अब सिर्फ राज्य की सुरक्षा का मुद्दा नहीं रह गया है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन चुका है। इसलिए जो सरकार घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है, उसे हटाया जाना चाहिए।"
शाह ने राज्य प्रशासन पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान निर्वाचन आयोग के साथ सहयोग न करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "राज्य के अधिकारी एसआईआर कराने में निर्वाचन आयोग के साथ सहयोग नहीं कर रहे। ममता बनर्जी डर क्यों रही हैं? क्योंकि एसआईआर लागू होते ही घुसपैठियों को जाना पड़ेगा।"
राजनीतिक हमले को और तेज करते हुए शाह ने कहा कि टीएमसी "जानबूझकर" समुदायों को आपस में लड़ाने का काम कर रही है, जिससे बंगाल की सामाजिक एकता कमजोर हो रही है।
उन्होंने कहा, "बंगाल की इस ऐतिहासिक धरती ने हर युग में भारत को बहुत कुछ दिया है। लेकिन लगभग साढ़े चार दशकों तक बंगाल पीछे जाता रहा। पहले वामपंथियों ने बंगाल को पीछे धकेला। फिर ममता जी 'मां, माटी, मानुष' का नारा लेकर आईं। आज मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं ममता दीदी, आपसे तो वामपंथी भी बेहतर थे।"
शाह ने कहा, "आपने गोरखा को बंगालियों से लड़वाया, आदिवासियों को कुर्मियों से लड़वाया, राजबंशी लोगों को आदिवासियों और बंगालियों से लड़वाया। आंतरिक संघर्ष और सामाजिक तनाव पैदा करने के अलावा आपने कुछ नहीं किया। आपने बंगाल की एकता को तोड़ दिया।"
उन्होंने दावा किया कि टीएमसी शासन में महिलाएं और अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। शाह ने कहा, "माताएं और बेटियां असुरक्षित हैं। इस धरती पर घुसपैठियों का कब्जा हो गया है।"
शाह ने कहा, "चाहे राजबंशी हों, कुर्मी हों, आदिवासी हों, गोरखा भाई हों, बिहार से आए प्रवासी मजदूर हों या बंगाली— ममता दीदी आपके शासन में कोई भी सुरक्षित नहीं है।"
उन्होंने बंगाल की सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी विरासत का उल्लेख करते हुए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना वंदे मातरम् का जिक्र किया और आरोप लगाया कि टीएमसी वोट बैंक की राजनीति के चलते इसका विरोध करती है।
उन्होंने कहा, "वंदे मातरम् सिर्फ एक गीत नहीं है, यह भारत माता की आराधना है। लेकिन जब संसद में इस पर चर्चा हुई, तो टीएमसी ने इसका विरोध किया। मैंने उनके एक सांसद से पूछा क्यों। उन्होंने कहा—'हमारे घुसपैठिया वोट बैंक को वंदे मातरम् से नाराजगी है।"
शाह ने पश्चिम बंगाल और अन्य पूर्वी राज्यों में भाजपा की बढ़ती ताकत का जिक्र दिया। उन्होंने कहा, "2016 में बंगाल में भाजपा के सिर्फ तीन विधायक थे और 10 प्रतिशत वोट मिले थे। 2021 में हम लगभग 38 प्रतिशत वोट और 70 से ज्यादा सीटों तक पहुंच गए। अब हमें सिर्फ 38 से 46 प्रतिशत तक जाना है। अकेला उत्तर बंगाल ही यह कर देगा।"
उन्होंने कहा, "हम उत्तर बंगाल की सभी सीटें जीतेंगे।"
शाह ने कहा कि असम, त्रिपुरा और अन्य राज्यों में भाजपा का उभार दिखाता है कि "परिवर्तन अपरिहार्य है।"
उन्होंने कहा, "जिस दिन बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, वह दिन हमारे कार्यकर्ताओं और नरेन्द्र मोदी जी के लिए भी असली सुकून का दिन होगा।"
गृह मंत्री ने केंद्र से मिलने वाले कोष को लेकर भी टीएमसी पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जब ममता दीदी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का समर्थन कर रही थीं, तब 10 साल में बंगाल को सिर्फ दो लाख करोड़ रुपये मिले। मोदी जी की सरकार में 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा भेजे गए। क्या वह पैसा आप तक पहुंचा? नहीं। वह टीएमसी के सिंडिकेट के पेट में चला गया।"
शाह ने दावा किया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण उत्तर बंगाल के साथ "भारी अन्याय" हुआ है और वह एम्स, हवाई अड्डों सहित अन्य विकास परियोजनाओं से वंचित रह गया है। उन्होंने कहा, "2026 बंगाल के लिए परिवर्तन का वर्ष होगा।"
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से टीएमसी सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।
भाषा जोहेब आशीष
आशीष
3101 2008 कोलकाता/सिलीगुड़ी