भारत-यूरोपीय संघ एफटीए और पूर्व के व्यापार समझौतों से युवाओं के लिए अनगिनत अवसर पैदा होंगे : मोदी
अविनाश
- 28 Jan 2026, 08:01 PM
- Updated: 08:01 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत द्वारा कई देशों के साथ किये गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) और एक दिन पहले दिल्ली में भारत- यूरोपीय संघ के बीच हुए 'ऐतिहासिक' एफटीए से लाखों भारतीय युवाओं के लिए अवसर के अनगिनत द्वार खुलेंगे।
उन्होंने दिल्ली छावनी में वार्षिक 'राष्ट्रीय कैडेट कोर पीएम रैली' को संबोधित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया भारत के युवाओं को 'बहुत भरोसे' से देख रही है और इस भरोसे का कारण 'कौशल और संस्कार' है।
मोदी ने कहा, ''मैंने लाल किले से संबोधित करते हुए कहा था, 'यही समय है, सही समय है'। देश के युवाओं के लिए यह अधिकतम अवसरों का समय है।''
उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं को इस अवधि का 'अधिक से अधिक लाभ' मिले।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''इसका एक उदाहरण आपने कल ही देखा। भारत और यूरोपीय संघ ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति जताई। इससे पहले, भारत ने ओमान, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस जैसे देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। इन सभी समझौतों से हमारे लाखों युवाओं के लिए अवसर के अनगिनत द्वार खुलेंगे।''
उन्होंने कहा, ''भारत-यूरोपीय संघ मुक्त समझौते को दुनिया के लिए ' पासा पलटने वाला' कहा जा रहा है। आपके लिए, यह एफटीए आकांक्षाओं को साकार करने की आजादी देने वाला है।''
प्रधानमंत्री ने कहा, '' युद्ध केवल सीमाओं, टैंक या तोपों के उपयोग तक ही सीमित नहीं है, आज की लड़ाई ''कोड से क्लाउड'' तक कई मोर्चों पर लड़ी जा रही है।
भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसे अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता कहा जा रहा है। इसका उद्देश्य दो अरब लोगों का बाजार तैयार करना है।
प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व ने नियम-आधारित विश्व व्यवस्था की रक्षा के लिए व्यापार और रक्षा का बड़े पैमाने पर लाभ उठाने हेतु एक परिवर्तनकारी पांच वर्षीय एजेंडे का अनावरण किया।
अमेरिका के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच मोदी द्वारा यूरोपीय संघ के नेताओं उर्सुला फॉन डेर लायन और एंटोनियो कोस्टा की शिखर वार्ता की मेजबानी के बाद दोनों पक्षों ने दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें से एक सुरक्षा और रक्षा सहयोग से जुड़ा है जबकि दूसरा समझौता यूरोप में भारतीय प्रतिभाओं की आवाजाही से संबंधित है।
मोदी ने मंगलवार को कहा था, ''यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है। यह साझा समृद्धि के लिए एक नया खाका है।''
अधिकारियों के अनुसार, यह मुक्त व्यापार समझौता वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग एक चौथाई हिस्से पर लागू होता है। इसके तहत यूरोपीय संघ को होने वाले भारतीय निर्यात के 99 प्रतिशत पर शुल्क कम हो जाएंगे और यूरोपीय संघ से भारत को होने वाले निर्यात के 97 प्रतिशत से अधिक पर शुल्क में कटौती होगी।
नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) की 'पीएम रैली' करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित की गई।
प्रधानमंत्री ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी, एक संगठन और एक आंदोलन के रूप में, भारत की युवा शक्ति को 'आत्मविश्वास' से भर देती है और उन्हें अनुशासित और संवेदनशील नागरिक बनाती है जो राष्ट्र के प्रति समर्पित हैं।
मोदी ने कहा, ''पूरी दुनिया युवाओं को बहुत भरोसे की नजरों से देख रही है और इस भरोसे का कारण कौशल और संस्कार है। भारत के युवाओं में लोकतंत्र की संस्कृति, विविधता के प्रति सम्मान की भावना और दुनिया को एक परिवार के रूप में मानने का लोकाचार है।''
पीएम रैली का विषय 'राष्ट्र प्रथम - कर्तव्यनिष्ठ युवा' है, जो भारत के युवाओं में कर्तव्य, अनुशासन और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की भावना को दर्शाता है।
यह रैली एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 के भव्य समापन का प्रतीक है, जिसका औपचारिक उद्घाटन पांच जनवरी को उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने किया था।
भाषा धीरज अविनाश
अविनाश
2801 2001 दिल्ली