रास में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया, दो पूर्व सांसदों को दी गई श्रद्धांजलि
माधव
- 28 Jan 2026, 04:28 PM
- Updated: 04:28 PM
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और उच्च सदन के पूर्व सदस्यों एल. गणेशन तथा सुरेश कलमाड़ी को श्रद्धांजलि दी गई।
संसद के बजट सत्र के पहले दिन, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के बाद उच्च सदन की बैठक हुई। बैठक में सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। फिर उन्होंने खालिदा जिया, गणेशन और कलमाड़ी के निधन का जिक्र किया एवं शोक प्रस्ताव पढ़ा। इसके बाद सदन में मौजूद सदस्यों ने कुछ पल मौन रह कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बाद में सभापति ने कहा कि राज्यसभा के महासचिव दिवंगत नेताओं के परिजनों को सदन की ओर से शोक और संवेदना संदेश प्रेषित करेंगे।
खालिदा जिया के निधन का जिक्र करते हुए सभापति ने कहा, "मैं अत्यंत दुख के साथ बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के निधन का उल्लेख करता हूं।"
जिया का 30 दिसंबर 2025 को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। सभापति ने कहा कि वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और 1991 से 2006 के बीच तीन बार इस पद पर रहीं। उन्होंने 1996 से 2001 तक विपक्ष की नेता के रूप में भी कार्य किया।
सभापति ने कहा कि खालिदा जिया ने बांग्लादेश के विकास और भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा, "सदन बेगम खालिदा जिया के निधन पर उनके परिजनों, बांग्लादेश सरकार और वहां के लोगों के साथ शोक में सहभागी है।"
सभापति ने तमिलनाडु से राज्यसभा के पूर्व सदस्य एल. गणेशन के निधन का उल्लेख करते हुए कहा कि चार अप्रैल 1934 को तमिलनाडु के तंजावुर जिले में जन्मे गणेशन एक वरिष्ठ द्रविड़ विचारक और प्रतिष्ठित जननेता थे, जो तमिल भाषाई आंदोलन से प्रेरित होकर छात्र जीवन में ही राजनीति में सक्रिय हो गए थे।
गणेशन का चार जनवरी 2026 को 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने जून 1980 से अप्रैल 1986 तक राज्यसभा में तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व किया था।
राधाकृष्णन ने कहा कि किसानों के आंदोलनों और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान में उनके योगदान के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। सभापति ने कहा, "एल. गणेशन के निधन से देश ने एक अनुभवी विधायक और प्रतिष्ठित सार्वजनिक जीवन के व्यक्तित्व को खो दिया है।"
उन्होंने पूर्व सांसद सुरेश कलमाड़ी के निधन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 1982 से 2004 के बीच उच्च सदन में चार कार्यकालों में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया। वह 11वीं, 14वीं और 15वीं लोकसभा के भी सदस्य रहे।
कलमाड़ी का छह जनवरी 2026 को 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
सभापति ने कहा कि पांच दशकों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में कलमाड़ी ने रेल राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया और खेल प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि कलमाड़ी 1996 से 2011 तक भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष और 1999 से 2013 तक एशियाई एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष रहे। उन्हें 2015 में एशियाई एथलेटिक्स संघ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
राधाकृष्णन ने कहा, "सुरेश कलमाड़ी के निधन से देश ने एक अनुभवी सांसद और कुशल प्रशासक को खो दिया है।"
भाषा मनीषा माधव
माधव
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