एच डी रेवन्ना की गिरफ्तारी कानून के तहत की गई: मुख्यमंत्री सिद्धरमैया
दिलीप
- 25 Jan 2026, 05:50 PM
- Updated: 05:50 PM
मैसुरु, 25 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को स्पष्ट किया कि जनता दल (सेक्युलर) विधायक एच डी रेवन्ना की गिरफ्तारी कानून के अनुसार हुई थी और सरकार ने इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने जनता दल(एस) (जद-एस) के इस दावे का भी उपहास किया कि वह एक दिन सरकार बनाएगी और बदला लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जद (एस) के सत्ता में आने की कोई संभावना नहीं है।
पूर्व मंत्री एच डी रेवन्ना को एक महिला के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसने उनके बेटे और हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर बलात्कार का आरोप लगाया था।
एच डी रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के बेटे हैं। रेवन्ना की गिरफ्तारी को अन्यायपूर्ण बताने वाले जद (एस) के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने न तो इस मामले में हस्तक्षेप किया और न ही उसके पास हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार है।
उन्होंने कहा, ''सिर्फ रेवन्ना के मामले में ही नहीं, हम किसी भी मामले में हस्तक्षेप नहीं करते।'' सिद्धरमैया ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कानून के अनुसार काम किया और आरोप लगाया कि जद (एस) वास्तविकता से परे जाकर राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है।
रेवन्ना को 'फंसाने' के लिए अधिकारियों को रिश्वत दिए जाने के आरोपों को सिद्धरमैया ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ''ये सभी आरोप झूठे हैं। कौन रिश्वत देगा?''
सीआईडी सूत्रों के अनुसार, हाल ही में प्रज्वल मामले की जांच करने वाली पुलिस टीम को 25 लाख रुपये का इनाम दिया गया है।
जब पत्रकारों ने इस बात पर ध्यान दिलाया कि जद (एस) का दावा है कि वह भाजपा के समर्थन से सत्ता में आएगी, तो सिद्धरमैया ने ऐसे दावों की व्यावहारिकता पर सवाल उठाया।
जब राज्यपाल द्वारा 22 जनवरी की घटनाओं पर राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपने के बारे में पूछा गया, तो सिद्धरमैया ने कहा कि राज्यपाल ने केवल घटना का विवरण दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''उन्हें रिपोर्ट सौंपने दीजिए। उन्होंने केवल उस दिन जो कुछ हुआ उसकी जानकारी दी है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 163 कहता है कि राज्यपाल सदन को संबोधित करेंगे। यहां 'करेंगे' शब्द का प्रयोग किया गया है। इसलिए उन्हें संयुक्त सत्र को संबोधित करना चाहिए था।''
उन्होंने कहा कि सरकार राज्यपाल को भाषण का पाठ उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, ''कल हम उन्हें अपने भाषण की प्रति देंगे, लेकिन भाषण देना उन्हीं का काम है। हमने जो कुछ भी दिया है, उसे संयुक्त विधानमंडल की बैठक में पढ़ा जाना चाहिए।''
छब्बीस जनवरी को होने वाले राज्यपाल के संबोधन के बारे में सिद्धरमैया ने कहा कि इसमें बदलाव की गुंजाइश है, लेकिन उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि कोई संशोधन किया जाएगा या नहीं।
उन्होंने कहा, ''भाषण में बदलाव की गुंजाइश है। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि इसमें बदलाव किया जाएगा या नहीं।''
गणतंत्र दिवस परेड के लिए कर्नाटक की झांकी के संबंध में राज्य सरकार द्वारा केंद्र को पत्र न लिखने के भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए सिद्धरमैया ने कहा कि यह दावा गलत है।
उन्होंने कहा, ''हमने लिखा है। अगर वे ऐसा नहीं करते, तो मैं क्या कर सकता हूं? यह उनका फैसला है। केंद्र को हर राज्य की झांकी शामिल करनी चाहिए।''
भाषा संतोष दिलीप
दिलीप
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