सामूहिक बलात्कार के दो वर्ष बाद जान गंवानी वाली लड़की के परिजनों ने कहा, सरकार ने नहीं दिलाया इंसाफ
माधव
- 22 Jan 2026, 10:01 PM
- Updated: 10:01 PM
नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) मणिपुर में जातीय हिंसा के शुरू होने के बाद सामूहिक बलात्कार के कारण हुए सदमे के चलते हाल में जान गंवाने वाली लड़की के परिजनों ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें इंसाफ दिलाने में नाकाम रही है।
मणिपुर की इस कुकी युवती के साथ पूर्वोत्तर राज्य में 2023 में जातीय हिंसा के शुरुआती चरण में सामूहिक बलात्कार किया गया था और इसके सदमे के कारण वह कथित रूप से बीमार पड़ गई थी।
सफेद रंग की बोलेरो कार में अपहरण कर 18 साल की उम्र में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई यह युवती पिछले दो सालों से बिस्तर से उठने में असमर्थ थी और कभी पूरी तरह से उबर नहीं हो पाई।
यहां कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (केएसओ) दिल्ली और एनसीआर द्वारा बृहस्पतिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में पीड़िता के रिश्ते की बहन ने आरोप लगाया कि "सरकार हमें न्याय देने में नाकाम रही है।"
केएसओ ने आरोप लगाया कि कोई उचित जांच नहीं की गई और अपराध के दोषियों को न तो गिरफ्तार किया गया और न ही उन पर मुकदमा चलाया गया, और न ही किसी अधिकारी को जवाबदेह ठहराया गया।
उसके रिश्ते की बहन ने रुंधे हुए गले से बताया कि वह युवती अपने आप में सिमट गई थी और सदमे में थी, नींद न आने की समस्या और अवसाद से जूझ रही थी।
उन्होंने कहा, "उसे अपने साथ हुए हमले की यादें लगातार सताती रहती थीं। वह खाना तक नहीं खाती थी और उसे जबरदस्ती खाना खिलाना पड़ता था।"
उन्होंने सवाल किया, "मैं हर भारतीय से पूछना चाहती हूं: क्या वह भारत की बेटी नहीं थी? यह सिर्फ हमारा नुकसान नहीं बल्कि राष्ट्रीय नुकसान है... हम पूछना चाहते हैं कि न्याय पाने के लिए हमें कितनी बेटियों को खोना पड़ेगा?"
मणिपुर के चुराचंदपुर और दिल्ली स्थित कुकी संगठनों ने दावा किया कि युवती का मई 2023 में इम्फाल में अपहरण कर सामूहिक बलात्कार किया गया था। उन्होंने बताया कि वह भागने में कामयाब रही, लेकिन सदमे और चोटों से पूरी तरह उबर नहीं पाई और 10 जनवरी को गुवाहाटी में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
केएसओ की ग्रेस गुइट वाल्टे ने कहा कि उन्होंने मणिपुर सरकार पर से अपना विश्वास खो दिया है।
उन्होंने कहा, "कुकी-ज़ो-हमर महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह देश के चेहरे पर एक कलंक है। हमने मणिपुर सरकार पर से अपना विश्वास खो दिया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील करते हैं कि हमें न्याय चाहिए।"
भाषा
नोमान माधव
माधव
2201 2201 दिल्ली