दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहनों से होने वाला प्रदूषण: सीएक्यूएम
सुरेश
- 21 Jan 2026, 06:26 PM
- Updated: 06:26 PM
नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के लिए वाहनों से होने वाला प्रदूषण सबसे अधिक जिम्मेदार है। इसके साथ ही, आयोग ने बिगड़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार के लिए 15 दीर्घकालिक उपायों की सिफारिश की।
आयोग की ओर से न्यायालय में पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ को बताया कि 2015 से 2025 तक के अध्ययनों के विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली में पीएम2.5 (हवा में 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास के कण) की मौजूदगी का कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के भीतर प्राथमिक उत्सर्जन (धूल, कार्बन मोनोऑक्साइड) और द्वितीयक कण का मिश्रण है।
द्वितीयक कण वायुमंडल में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड की सूर्य के प्रकाश, पानी या अन्य पदार्थों के साथ रासायनिक प्रतिक्रियाओं के माध्यम से बनते हैं।
सीएक्यूएम ने चरणबद्ध तरीके से कई उपायों को लागू करने की सिफारिश की।
* उत्सर्जन क्षमता के आधार पर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को दिल्ली-एनसीआर से समयबद्ध तरीके से चरणबद्ध तरीके से हटाना।
* पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण के तहत) 2.0 को सुदृढ़ बनाना और सुदूर संवेदन उपकरणों के माध्यम से सड़क पर चलने वाले वाहनों की निगरानी करना।
* दिल्ली और एनसीआर में अधिक मार्गों और स्टेशनों के साथ क्षेत्रीय रेल परिवहन और मेट्रो रेल नेटवर्क को विस्तारित करना।
* मेट्रो और क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली को जोड़ने वाले मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट केंद्रों का विकास करना।
* गंतव्य-आधारित सार्वजनिक परिवहन ट्रैकिंग के साथ रियल टाइम यात्री सूचना प्रणाली के माध्यम से कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना।
* दिल्ली-एनसीआर में सभी वाहनों को शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को गति देने के लिए संबंधित इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों की समीक्षा और संशोधन करना। पुराने वाहनों को कबाड़ में भेजने के लिए उसके मालिकों को अधिक प्रोत्साहन राशि देना।
* वाहनों की बढ़ती संख्या के अनुरूप, बैटरी की अदला-बदली वाले स्टेशनों सहित इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग केंद्र का तेजी से विस्तार करना।
* आबादी के आधार पर आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के मॉडल मानकों और सेवा स्तर के मानदंड के अनुसार ई-बसों/सीएनजी के माध्यम से शहरी सार्वजनिक बस सेवा को बढ़ाना।
* एनसीआर और राजमार्गों पर सीएनजी/एलएनजी ईंधन नेटवर्क के लिए एक योजना विकसित करना, ताकि लंबी दूरी के वाहनों और अन्य वाणिज्यिक वाहनों को गैस के जरिये चलाया जा सके।
* दिल्ली में प्रवेश करने के सभी स्थलों पर एएनपीआर कैमरे और स्वचालित आरएफआईडी स्थापित करके बहु-लेन निर्बाध यातायात सुनिश्चित करते हुए टोल की वसूली की जाए।
* दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरी क्षेत्रों, विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में सुचारू और बेहतर यातायात आवागमन के लिए एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली को लागू करना।
* दिल्ली और एनसीआर में पार्किंग क्षेत्र प्रबंधन योजनाओं को लागू करना।
* पर्यावरण संरक्षण शुल्क बढ़ाना।
भाषा सुभाष सुरेश
सुरेश
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