नागरिक संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में व्यापक पादर्शिता लाने का आग्रह किया
सुभाष अविनाश
- 14 May 2024, 09:18 PM
- Updated: 09:18 PM
नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) नागरिक संस्था के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग (ईसी) को 4,000 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाली एक याचिका देकर मौजूदा लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में व्यापक पारदर्शिता बरतने की मांग की।
याचिका में, आम चुनाव के पहले दो चरण के मतदान प्रतिशत में उतार-चढ़ाव को रेखांकित किया गया है।
आयोग को सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि शुरूआती अनुमानों और बाद के संशोधनों के बीच विसंगति है, जिसने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के बारे में लोगों के बीच संदेह और चिंताएं पैदा की हैं।
निर्वाचन आयोग ने पूर्व में कहा था कि डाले गए मतों की वास्तविक संख्या के निर्वाचन क्षेत्र एवं बूथ-वार आंकड़े उम्मीदवारों के पास उपलब्ध हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने अपने पत्र में, निर्वाचन संचालन नियमों के नियम 49एस का हवाला दिया है, जो यह प्रावधान करता है कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर पीठासीन अधिकारी फॉर्म 17सी के भाग-एक में दर्ज मतों का रिकॉर्ड तैयार करेंगे और उसकी सत्यापित प्रतियां ‘पोलिंग एजेंट’ को मुहैया करेंगे।
पहले और दूसरे चरण के मतदान से जुड़े कुछ उदाहरण देते हुए पत्र में उन दृष्टांतों का उल्लेख किया गया है जिनमें शुरूआती मतदान प्रतिशत 60 प्रतिशत था और बाद में जारी किये आधिकारिक आंकड़ों में यह छह प्रतिशत से अधिक बढ़ गया। ये बदलाव आयोग के संतोषजनक स्पष्टीकरण के बगैर जारी किये गए।
पत्र के अनुसार, विलंब और संशोधित आंकड़ों ने अविश्वास पैदा किया है और आधिकारिक आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किये हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से शुरूआती चरणों वालक सभी मतदान केंद्रों के लिए फॉर्म 17सी के भाग-एक की स्कैन प्रतियां अपलोड कर पारदर्शिता बढ़ाने का अनुरोध किया है।
इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल ने प्रत्येक चरण का मतदान संपन्न होने के 48 घंटे के अंदर निर्वाचन क्षेत्र और मतदान केंद्र-वार मत प्रतिशत का आंकड़ा जारी करने का आग्रह किया है।
पत्र में कहा गया है, ‘‘चुनाव प्रक्रिया में लोगों का विश्वास हमारे लोकतंत्र के लिए सर्वोच्च महत्व रखता है।’’
चुनाव प्रक्रिया में व्यापक पारदर्शिता की मांग करने वाली याचिका पर वकीलों, सूचना आयुक्तों, सेवानिवृत्त सिविल सेवकों ने हस्ताक्षर किये हैं। इनमें शबनम हाशमी, अंजलि भारद्वाज, प्रशांत भूषण, नजीब जंग, तुषार ए. गांधी, जगदीप छोकर, एम जी देवसहायम, योगेंद्र यादव, वृंदा ग्रोवर, शैलेश गांधी, अशोक शर्मा, अमृता जोहरी, नवशरण सिंह, जयति घोष, विपुल मुदगल शामिल हैं।
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