बंगाल में चौथे चरण के मतदान के दौरान हिंसा की छिटपुट घटनाएं, भाजपा नेता दिलीप घोष के काफिले पर हमला
अमित धीरज
- 13 May 2024, 07:32 PM
- Updated: 07:32 PM
(तस्वीर के साथ)
कोलकाता, 13 मई (भाषा) लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में पश्चिम बंगाल की आठ लोकसभा सीट पर मतदान के दौरान हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आयीं। हिंसा प्रभावित बीरभूम और बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं।
हालांकि, निर्वाचन आयोग ने दावा किया कि अब तक मतदान शांतिपूर्ण रहा है। उसने कहा कि उसे दोपहर एक बजे तक विभिन्न राजनीतिक दलों से 1,700 शिकायतें मिली हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी और एजेंट को बूथ में प्रवेश करने से रोकने का आरोप लगाया गया है।
बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट के सुसुनिया क्षेत्र में दोपहर के समय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा समर्थकों के बीच उस दौरान झड़प हो गई जब भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष मतदान केंद्र पर गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद एक बूथ पर जा रहे थे।
जब घोष रास्ते में थे, टीएमसी समर्थकों ने उनके काफिले को रोका और उनके वाहन के सामने बैठ गए और उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूत्रों ने दावा किया कि उनके काफिले पर पथराव किया गया, जिससे घोष के काफिले के पीछे चल रहे सुरक्षाकर्मियों की कुछ कार क्षतिग्रस्त हो गईं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घोष के साथ अभद्रता की।
घोष ने संवाददाताओं से कहा,‘‘पुलिस सिर्फ मूकदर्शक बनी हुई है। टीएमसी ने आतंक फैला रखा है। सुबह से ही टीएमसी के गुंडे हमारे मतदान एजेंट के साथ मारपीट कर रहे हैं और वे मतदान को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से नहीं होने दे रहे।”
बर्धमान-दुर्गापुर निर्वाचन क्षेत्र में कलना गेट पर घोष के काफिले पर फिर हमला किया गया। घोष ने कहा कि टीएमसी द्वारा भाजपा के बूथ एजेंट को प्रवेश नहीं करने देने के आरोपों के बाद वह वहां एक बूथ पर गए थे।
सूत्रों ने दावा किया कि उनके काफिले पर ईंटें फेंकी गईं, जिससे उनकी सुरक्षा में तैनात केंद्रीय पुलिस बल के कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घोष ने कहा, ‘‘आज यह दूसरी बार है जब मेरे काफिले पर हमला किया गया। मेरे दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।’’
तृणमूल कांग्रेस ने हालांकि आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि घोष ‘‘हार को भांपते हुए माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
इसी सीट के दुर्गापुर क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने धरना दिया।
बीरभूम लोकसभा सीट पर भाजपा के चुनाव एजेंट को मतदान केंद्रों में प्रवेश करने से कथित तौर पर रोके जाने के बाद नानूर में भाजपा कार्यकर्ताओं की तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई।
भाजपा ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को डराने-धमकाने के अलावा तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने उनके पोलिंग एजेंट को एक बूथ से जबरन बाहर कर दिया।
कृष्णानगर लोकसभा सीट के छपरा इलाके में तब तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब तृणमूल कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर मारपीट की। कृष्णानगर से भाजपा उम्मीदवार अमृता रॉय दो घायल व्यक्तियों, नंदा दास और सुखेन दास के साथ छपरा पुलिस थाने गईं। टीएमसी ने आरोपों से इनकार किया है।
टीएमसी, भाजपा और कांग्रेस-माकपा गठबंधन ने मतदान के पहले कुछ घंटों में क्रमशः चुनावी हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनाव एजेंट पर हमले से संबंधित शिकायतें दर्ज करायीं। दलों के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
बीरभूम के कुछ इलाकों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों के बाद विरोध प्रदर्शन किया कि केंद्रीय बल मतदाताओं को डराने-धमकाने में भाजपा कार्यकर्ताओं की मदद कर रहे हैं।
मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र के बर्दवान क्षेत्र में, तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की सूचना मिली, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मौजूदा सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों द्वारा परेशानी पैदा करने के प्रयासों के बावजूद, सीईओ कार्यालय के त्वरित हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप केंद्रीय बलों ने तत्काल कदम उठाया।
राणाघाट निर्वाचन क्षेत्र के चकदाहा इलाके में विरोध प्रदर्शन देखा गया क्योंकि भाजपा सांसद और उम्मीदवार जग्गनाथ सरकार को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने दावा किया कि सांसद ‘‘पिछले पांच वर्षों में कहीं भी नजर नहीं आए।’’
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘पिछले पांच साल में वह कहीं नजर नहीं आए। अब जब चुनाव चल रहे हैं तो वह यहां हैं। इसलिए हम वापस जाओ के नारे लगा रहे हैं। क्योंकि हम उन्हें यहां नहीं चाहते।’’
हालांकि, सरकार ने आरोपों से इनकार किया और विरोध प्रदर्शन को टीएमसी की करतूत करार दिया।
निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल के आठ लोकसभा क्षेत्रों में अपराह्न तीन बजे तक 66.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
भाषा
अमित