इंदौर दूषित पेयजल कांड : कांग्रेस ने कहा,"जिम्मेदारों पर दर्ज हो गैर इरादतन हत्या का मामला"
हर्ष गोला
- 30 Dec 2026, 10:58 PM
- Updated: 10:58 PM
इंदौर (मप्र), 30 दिसंबर (भाषा) देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में कथित तौर पर दूषित पानी पीने के कारण कम से कम तीन लोगों की मौत को लेकर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस ने मंगलवार को मांग की कि इस घटना के लिए महापौर और नगर निगम के आयुक्त के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त के प्रकोप के बाद पिछले पांच दिन में 111 मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस प्रकोप से तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि दूषित पानी पीने से बीमार होने के बाद अब तक चार महिलाओं समेत पांच लोग दम तोड़ चुके हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचे और दूषित पेयजल पीने से बीमार लोगों का हाल-चाल जाना।
पटवारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पेयजल की पाइपलाइन में ड्रेनेज का पानी मिलता है, तो लोगों को उल्टी-दस्त और पीलिया हो सकता है लेकिन इससे वे मर नहीं सकते। लगता है कि पेयजल की पाइपलाइन में किसी न किसी रूप में कोई जहरीला पदार्थ मिल गया था और इसकी जांच की जानी चाहिए।’’
उन्होंने दूषित पेयजल कांड के लिए शहर के महापौर और नगर निगम आयुक्त को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि दोनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
पटवारी ने रेखांकित किया कि जिस भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण कम से कम तीन लोगों की मौत हुई, वह प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र इंदौर-1 में आता है।
उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा,‘‘भाजपा इंदौर नगर निगम से लेकर प्रदेश और केंद्र की सत्ता में है। यह इंदौरवासियों के लिए विचार का विषय है कि भाजपा की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार में शहर के क्या हालात हो गए हैं?’’
इंदौर, अपनी पानी की जरूरतों के लिए नर्मदा नदी पर निर्भर है। नगर निगम की बिछाई पाइपलाइन के जरिये नर्मदा नदी के पानी को पड़ोसी खरगोन जिले के जलूद से 80 किलोमीटर दूर इंदौर लाकर घर-घर पहुंचाया जाता है।
नगर निगम ने दावा किया कि उसने भागीरथपुरा क्षेत्र की जलापूर्ति पाइपलाइन की गड़बड़ी ढूंढ निकाली है।
निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमें भागीरथपुरा में जलापूर्ति की मुख्य पाइपलाइन में उस जगह लीकेज मिला है जिसके ऊपर एक शौचालय बना है। इस लीकेज की मरम्मत की जा रही है।’’
इस बीच, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निगम आयुक्त को भागीरथपुरा क्षेत्र के दूषित पेयजल कांड की जांच के निर्देश दिए हैं।
भार्गव ने कहा, ‘‘भागीरथपुरा क्षेत्र में जलापूर्ति की नयी पाइपलाइन बिछाने की निविदा महीनों पहले जारी कर दी गई थी। फिर इस काम में देरी क्यों हुई? इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए ताकि लापरवाही के कारणों का पता लगाया जा सके।"
उन्होंने भरोसा दिलाया कि दूषित पेयजल कांड के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भाषा हर्ष