यदि विपक्ष के पास पर्याप्त विधायक हैं तो वह उनकी परेड कराए: खट्टर
सिम्मी नरेश
- 12 May 2024, 09:25 PM
- Updated: 09:25 PM
चंडीगढ़, 12 मई (भाषा) हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के बहुमत खो देने के विपक्षी दलों के दावे के बीच सत्तारूढ़ दल ने रविवार को विपक्ष को चुनौती दी कि यदि उसके पास पर्याप्त संख्या है तो वह अपने विधायकों की परेड कराए।
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यह भी संकेत दिया कि भाजपा सरकार शक्ति परीक्षण करने के खिलाफ नहीं है और जननायक जनता पार्टी (जजपा) के दस में से छह विधायक उसके साथ हैं।
हरियाणा में तीन निर्दलीय विधायकों द्वारा भाजपा सरकार से समर्थन वापस लिए जाने के बाद कांग्रेस ने सरकार को बर्खास्त करने और राष्ट्रपति शासन के तहत नए सिरे से विधानसभा चुनाव कराने की मांग की है।
भाजपा से मार्च में अलग होने वाली जजपा ने कहा है कि वह सरकार गिराने में कांग्रेस की मदद करने को तैयार है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनकी सरकार ने मार्च में विश्वास मत हासिल किया था। सैनी ने विपक्ष से अपने विधायकों की परेड कराने की मांग करते हुए कहा, ‘‘भविष्य में भी समय आने पर हम फिर से विश्वास मत हासिल करेंगे।’’
राज्य की राजनीतिक स्थिति पर करनाल में संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते समय खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को राज्यपाल के सामने अपने विधायकों की परेड करानी चाहिए। कांग्रेस के 30 विधायक हैं।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को यकीन नहीं है कि उसके सभी विधायक उसके साथ हैं भी या नहीं।
कई जजपा विधायकों द्वारा हालिया सप्ताहों में भाजपा को समर्थन देने का संकेत देने के स्पष्ट संदर्भ में खट्टर ने कहा, ‘‘और आपने देखा है कि जजपा में क्या हो रहा है।’’
खट्टर ने कहा, ‘‘बेहतर होता कि वे (विपक्ष) इस मुद्दे को नहीं उठाते। अब, जब उन्होंने इसे उठाया है तो हम कहते हैं कि उन्हें (यह साबित करने के लिए) अपने विधायकों की परेड कराने दीजिए (कि उनके पास संख्या बल है या नहीं)।’’
उन्होंने कहा, ‘‘और अगर आपके (विपक्ष के) पास संख्या ज्यादा है तो विधानसभा में शक्ति परीक्षण भी होगा, सब होगा।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को डर है कि उसके 30 विधायक शक्ति परीक्षण के लिए नहीं आएंगे।
यह पूछे जाने पर कि हाल के दिनों में जजपा के कितने विधायकों ने उनसे मुलाकात की है, खट्टर ने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि मैंने कई लोगों से बात की है। छह विधायक हमारे साथ हैं।’’
उन्होंने साथ ही कहा कि सैनी सरकार ने 13 मार्च को विश्वास मत हासिल किया था तथा यह तय करना राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में आता है कि छह महीने के लिए एक और विश्वास मत की आवश्यकता है या नहीं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने कहा कि सैनी सरकार ‘‘स्थिर है और वह अपना कार्यकाल पूरा करेगी।’’
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि सरकार शक्ति परीक्षण के लिए तैयार है, भले ही वह आज हो या कल।
इस बीच, जजपा प्रमुख अजय सिंह चौटाला ने कहा कि उनकी पार्टी पहले ही कह चुकी है कि वह अल्पमत सरकार को गिराने के लिए कांग्रेस को समर्थन देने के लिए तैयार है।
जजपा के कई विधायकों के उनकी पार्टी के साथ नहीं होने के भाजपा के दावे के बारे में सवाल किए जाने पर अजय चौटाला ने कहा, ‘‘विधायक पार्टी व्हिप का उल्लंघन नहीं कर सकते। अगर वे व्हिप का उल्लंघन करते हैं तो वे अपनी (विधानसभा) सदस्यता खो देंगे।’’
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने के बाद यह राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि अल्पमत सरकार को बर्खास्त किया जाए।
खट्टर ने करनाल के गांव घोघरीपुर में और मुख्यमंत्री सैनी ने करनाल में घर-घर जाकर चुनाव प्रचार के दौरान पत्रकारों से बात की।
तीन निर्दलीय विधायकों ने मंगलवार को भाजपा नीत सरकार से समर्थन वापस ले लिया था और घोषणा की थी कि वे कांग्रेस का समर्थन करेंगे। सरकार के पास 90 सदस्यीय राज्य विधानसभा में बहुमत से दो विधायक कम है। सरकार को दो अन्य निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है।
हरियाणा की विधानसभा में वर्तमान में 88 विधायक हैं। दो सीट-करनाल और रानिया रिक्त हैं। भाजपा के 40, कांग्रेस के 30 और जजपा के 10 विधायक हैं। इनेलो और हरियाणा लोकहित पार्टी के एक-एक सदस्य हैं। छह निर्दलीय सदस्य हैं।
भाषा सिम्मी