कोलकाता के कार्यक्रम में स्पर्श किये जाने से मेस्सी थे ‘नाखुश’ : गिरफ्तार मुख्य आयोजक
राजकुमार रंजन
- 20 Dec 2025, 09:10 PM
- Updated: 09:10 PM
कोलकाता, 20 दिसंबर (भाषा) कोलकाता में 13 दिसंबर को लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम में मची हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किये गये मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता ने जांचकर्ताओं को बताया है कि फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी सॉल्ट लेक स्टेडियम में अपनी उपस्थिति के दौरान ‘छूए जाने या गले लगने से नाखुश थे’ और निर्धारित समय तक से पहले ही चले गए थे। विशेष जांच दल (एसआईटी) के सूत्र ने शनिवार को यह जानकारी दी।
सूत्र के अनुसार विशेष जांच दल (एसआईटी) के अधिकारियों द्वारा लंबी पूछताछ के दौरान, दत्ता ने कहा कि मेस्सी को ‘पीठ पर हाथ लगाना या गले लगना पसंद नहीं था’ और फुटबॉल खिलाड़ी की सुरक्षा से संबंधित विदेशी सुरक्षा अधिकारियों ने यह बात पहले ही बता दी थी।
सूत्र के मुताबिक, दत्ता ने शुक्रवार को पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को बताया, ‘‘संयत रहने के लिए बार-बार घोषणा किए जाने के बावजूद भीड़ पर कोई असर नहीं हुआ। जिस तरह से मेस्सी को लोगों ने घेर लिया और गले लगने लगे, वह विश्व कप विजेता फुटबॉल खिलाड़ी के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य था।’’
कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास मेस्सी के काफी करीब नजर आए। वीडियो में उन्हें फोटो खिंचवाते समय फुटबॉल खिलाड़ी की कमर पर हाथ रखे हुए देखा जा सकता है।
बिस्वास पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके अपने रिश्तेदारों और निजी परिचितों को मेस्सी तक पहुंचने दिया। बढ़ते विरोध के बीच, उन्होंने जांच पूरी होने तक खेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि इतनी बड़ी संख्या में लोग मैदान में कैसे पहुंच गये।
दत्ता ने यह भी दावा किया कि आरंभ में केवल 150 ‘ग्राउंड पास’ जारी किए गए थे, लेकिन जब एक ‘अत्यंत प्रभावशाली व्यक्ति’ स्टेडियम पहुंचा और ‘उन्हें काबू में कर लिया’, तो यह संख्या तीन गुना हो गई।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या छूट देने से भीड़ बेकाबू हो गयी।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘गिरफ्तार आरोपी ने यह भी दावा किया कि जैसे ही वह प्रभावशाली व्यक्ति स्टेडियम पहुंचा, मेस्सी का पूरा कार्यक्रम गड़बड़ा गया और वह इसे नियंत्रित नहीं कर सका।
दत्ता ने मेस्सी की भारत यात्रा से संबंधित वित्तीय विवरणों का भी खुलासा किया।
उसने जांचकर्ताओं को बताया, ‘‘लियोनल मेस्सी को दौरे के लिए 89 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि 11 करोड़ रुपये भारत सरकार को कर के रूप में दिए गए।’’
दत्ता के अनुसार कुल खर्च 100 करोड़ रुपये हुए।
सूत्रों के अनुसार, इस राशि का 30 प्रतिशत प्रायोजकों से प्राप्त हुआ, जबकि बाकी 30 प्रतिशत टिकटों की बिक्री से जुटाया गया।
अधिकारी का कहना है कि इस बीच, एसआईटी अधिकारियों को दत्ता के ‘फ्रीज’ किए गए बैंक खातों से 20 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मिली।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को दत्ता के घर पर छापेमारी के बाद, एसआईटी के अधिकारियों ने कई दस्तावेज जब्त किए।
अधिकारी ने कहा, ‘‘दत्ता का दावा है कि उसके बैंक खाते में जमा रकम कोलकाता और हैदराबाद में मेस्सी के कार्यक्रम के टिकट बेचने और प्रायोजकों से प्राप्त धनराशि है। हम उसके दावों की पुष्टि कर रहे हैं।’’
साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए हजारों दर्शकों ने महंगे टिकट खरीदे थे, लेकिन कार्यक्रम में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बड़ी संख्या में लोग मैदान पर मेस्सी के चारों ओर जमा हो गए। फलस्वरूप गैलरी में बैठे लोग उन्हें नहीं देख पा रहे थे। ऐसे में प्रशंसकों में आक्रोश फैल गया, जिनमें से कुछ ने बाद में स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की।
पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घटना की जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों-- पीयूष पांडे, जावेद शमीम, सुप्रतिम सरकार और मुरलीधर को मिलाकर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।
भाषा राजकुमार