खट्टर ने करनाल के विधायक पद से दिया इस्तीफा, कहा 'सैनी संभालेंगे विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी'
रंजन रंजन माधव
- 13 Mar 2024, 10:00 PM
- Updated: 10:00 PM
चंडीगढ़, 13 मार्च (भाषा) हरियाणा करनाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर नाम की घोषणा किये जाने से कुछ घंटे पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को प्रदेश विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की।
विधानसभा में करनाल सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले खट्टर ने कहा कि नवनियुक्त मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अब निर्वाचन क्षेत्र की देखरेख करेंगे। मंगलवार को मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेने वाले सैनी को छह महीने के भीतर विधानसभा के लिये निर्वाचित होना होगा।
लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की दूसरी सूची में जगह बनाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री ने विधानसभा में नायब सैनी सरकार के विश्वास मत जीतने के बाद घोषणा की कि वह इस्तीफा दे रहे हैं।
खट्टर ने कहा, ‘‘पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान मैंने सदन के नेता के रूप में कार्य किया। मैं अपनी आखिरी सांस तक हरियाणा के लोगों की सेवा करूंगा।''
उन्होंने कहा, ''बदलाव जिंदगी का हिस्सा है। बदलाव कई तरीकों से होता है।''
उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई मोड़ आता है तो आप उस पर मुड़ते हैं तो इसका मतलब रास्ता बदलना नहीं है।’’
खट्टर ने कहा, ''हम न होंगे कोई हम सा होगा, तो हमारे नायब सैनी जैसा होगा।''
खट्टर भाजपा के अभे सिंह यादव द्वारा उनके नेतृत्व वाली पिछली सरकार को पिछले साढ़े नौ साल के काम-काज के लिए धन्यवाद देने के प्रस्ताव पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, ''करनाल के लोगों ने मुझे दो बार विधानसभा में भेजा। मैं अब मुख्यमंत्री नहीं हूं लेकिन मैं उस निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हूं। मुख्यमंत्री सैनी ने अभी तक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा है। उन्हें भी चुनाव लड़ना होगा। मैं इस सदन में घोषणा करता हूं कि मैं आज करनाल विधानसभा से इस्तीफा देता हूं।''
खट्टर ने कहा, ''आज से हमारे मुख्यमंत्री करनाल विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालेंगे।''
खट्टर ने कहा कि भाजपा उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, वह उसे निभाएंगे।
कांग्रेस विधायक रघुवीर सिंह कादियान ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन के पीछे के कारणों को भी सदन के सामने रखा जाना चाहिए ।
कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा अपने पूर्व मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहती है, लेकिन इसके लिए कोई प्रस्ताव लाने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘नयी मिसाल कायम न करें।’’
पिछले महीने कांग्रेस द्वारा खट्टर सरकार के खिलाफ ‘अविश्वास प्रस्ताव’ लाने का जिक्र करते हुए, हुड्डा ने कहा, ‘हमने उनको आईना क्या दिखाया, उन्होंने तो चेहरा ही बदल दिया।’’
हुड्डा स्पष्ट रूप से हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में खट्टर की जगह लेने वाले सैनी का जिक्र कर रहे थे। कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था।
करनाल से खट्टर के इस्तीफा देने का जिक्र करते हुए हुड्डा ने भाजपा नेता से पूछा, ‘‘बताइये, अब कहां जायेंगे ।’’
उन्होंने खट्टर से पूछा, ‘‘क्या आप दिल्ली जाएंगे। क्या आप करनाल से संसदीय चुनाव लड़ेंगे।’’
पूर्व सीएम ने हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया, ‘‘इतनी जल्दी क्यों। अगर आप जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं। किसी भी हाल में दिल्ली जाना ही होगा। दिल्ली दूर नहीं है।’’
इस बीच, खट्टर ने विभिन्न सेवाओं के डिजिटलीकरण पर केंद्रित पारदर्शी प्रशासन प्रदान करने के लिए उनके नेतृत्व वाली पिछली सरकार द्वारा की गयी कई पहलों का जिक्र किया।
उन्होंने याद किया कि जब वह 2014 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तो कई लोगों ने कहा था कि उनके पास अनुभव की कमी है।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री के पास गया और उनसे पूछा कि क्या मैं कुछ साथी मुख्यमंत्रियों से परामर्श कर सकता हूं। उन्होंने मुझसे कहा कि जब मैं लोगों के बीच जाता हूं, तो कुछ चीजें वहां से सीखता हूं, कुछ चीजें अधिकारियों से, और कुछ चीजें विधानसभा में विपक्षी सदस्यों से सीखता हूं।’’
खट्टर 2014 में पहली बार करनाल विधानसभा सीट से चुने गए थे जब भाजपा ने हरियाणा में अपने बल पर सरकार बनाई थी।
भाषा रंजन रंजन