बेटी की खातिर पुराने प्रतिद्वंदी थोपटे से सुलह बनाने में जुटे शरद पवार
जितेंद्र रंजन
- 13 Mar 2024, 08:03 PM
- Updated: 08:03 PM
मुंबई, 13 मार्च (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) के प्रमुख शरद पवार बारामती लोकसभा सीट पर अपनी बेटी सुप्रिया सुले की पुन: जीत में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते, जिसके लिए उन्हें अपने सबसे कट्टर प्रतिद्वंदी अनंतराव थोपटे से भी हाथ मिलाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
बारामती से तीन बार की सांसद सुले को आगामी चुनाव में राकांपा के अध्यक्ष और अपने चचेरे भाई अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार बारामती में शरद पवार के बराबर प्रभुत्व रखते हैं।
एक समय था, जब शरद पवार बारामती में सिर्फ एक या दो रैलियां ही किया करते थे क्योंकि उन्हें अपनी जीत का पूरा भरोसा रहता था लेकिन अब, 83 साल की उम्र में पवार को चुनाव की घोषणा से पहले ही पुणे के इस निर्वाचन क्षेत्र में जगह-जगह प्रचार करना पड़ रहा है।
पवार ने शनिवार को अनंतराव थोपटे से मुलाकात की, जो घुटने की सर्जरी के बाद भोर में अपने आवास पर फिलहाल चोट से उबर रहे हैं।
नब्बे से अधिक उम्र के थोपटे ने छह बार भोर विधानसभा सीट का प्रधिनित्व किया है, जो बारामती लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है हालांकि 1999 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
अनंतराव के बेटे संग्राम थोपटे भोर से मौजूदा कांग्रेस विधायक हैं।
कांग्रेस की पुणे इकाई के वरिष्ठ नेता उल्हास पवार ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि वर्ष 1995 से पहले राज्य की कई सरकारों में मंत्री रहे अनंतराव शरद पवार के कट्टर प्रतिद्वंदी के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने कहा कि तीन बार के विधायक संग्राम थोपटे का जिले की राजनीति में अजित पवार के साथ विवाद है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अजित के अपने चाचा शरद पवार से अलग होने और पिछले साल राज्य में शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल होने से राजनीतिक समीकरण काफी बदल गए हैं।
उल्हास पवार ने कहा कि शरद पवार की अनंतराव से मुलाकात 'राजनीतिक मजबूरी' है।
उन्होंने कहा, ''हर किसी को समझौते की जरूरत होती है। गठबंधन की राजनीति में समझौता अपरिहार्य है। यह बैठक शरद पवार की बेटी की खातिर हुई। लेकिन अगर सुलह हो जाती है तो इससे पुणे जिले में कांग्रेस व राकांपा (एसपी) और महा विकास अघाड़ी गठबंधन की संभावनाओं को मदद मिलेगी।''
भाषा जितेंद्र