रेलवे सात मार्गों पर वंदे भारत ट्रेन में अतिरिक्त डिब्बे जोड़ेगा
पारुल माधव
- 28 Aug 2025, 06:18 PM
- Updated: 06:18 PM
नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) रेलवे बोर्ड ने यात्रियों के बीच लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए सात परिचालन मार्गों पर वंदे भारत ट्रेन में अतिरिक्त डिब्बे जोड़ने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि जिन मार्गों पर अतिरिक्त डिब्बे वाली वंदे भारत ट्रेन चलाई जाएंगी, उनमें मंगलुरु सेंट्रल-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल, सिकंदराबाद-तिरुपति, चेन्नई एग्मोर-तिरुनेलवेली, मदुरै-बेंगलुरु कैंट, देवघर-वाराणसी, हावड़ा-राउरकेला और इंदौर-नागपुर शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा समय में इन मार्गों पर आठ डिब्बे वाली चार और 16 डिब्बे वाली तीन वंदे भारत ट्रेन चलाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि रेलवे बोर्ड ने कुछ अन्य मार्गों पर भी वंदे भारत ट्रेन संचालित करने का फैसला किया है।
रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने कहा, “16 डिब्बों वाली वंदे भारत ट्रेन में डिब्बों की संख्या बढ़ाकर 20 की जाएगी। वहीं, आठ डिब्बों वाली वंदे भारत ट्रेन में इतने ही अतिरिक्त डिब्बे जोड़कर डिब्बों की संख्या 16 की जाएगी।”
कुमार के अनुसार, “वित्तीय वर्ष 2025-26 (31.07.2025 तक) में यात्री संख्या और कोच वृद्धि की व्यवहार्यता के आधार पर, 16 डिब्बों वाली तीन वंदे भारत ट्रेन में अस्थाई रूप से डिब्बों की संख्या बढ़ाकर 20 और आठ डिब्बों वाली चार वंदे भारत ट्रेन में डिब्बों की संख्या बढ़ाकर 16 करने की योजना बनाई गई है।”
रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि सात वंदे भारत ट्रेन के उन्नयन के अलावा, 20 डिब्बों वाली कई वंदे भारत ट्रेन लॉन्च करने के लिए, जबकि 16 डिब्बों वाली एक ट्रेन विस्तार के लिए उपलब्ध होगी।
कुमार ने कहा, “यात्रियों की संख्या के आधार पर वंदे भारत ट्रेन सेवा की एक अस्थायी प्रतिस्थापन योजना बनाई जा रही है। इसके बाद, 16 और आठ डिब्बों वाली खाली ट्रेन का इस्तेमाल नयी सेवाओं के संचालन के लिए किया जाएगा।”
अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित उन्नयन के तहत मंगलुरु सेंट्रल-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल, सिकंदराबाद-तिरुपति और चेन्नई एग्मोर-तिरुनेलवेली मार्ग पर 16 की जगह 2 डिब्बों वाली, जबकि मदुरै-बेंगलुरु कैंट, देवघर-वाराणसी, हावड़ा-राउरकेला और इंदौर-नागपुर मार्ग पर आठ की जगह 16 डिब्बों वाली वंदे भारत ट्रेन चलाई जाएंगी।
भाषा पारुल