कश्मीर में बाढ़ का खतरा टला; झेलम नदी में जलस्तर घटा
रंजन नरेश रंजन
- 28 Aug 2025, 03:40 PM
- Updated: 03:40 PM
श्रीनगर, 28 अगस्त (भाषा) कश्मीर में बाढ़ का खतरा बृहस्पतिवार को कम हो गया है क्योंकि मौसम में सुधार के साथ ही झेलम नदी एवं अन्य जलाशयों में जलस्तर कम होने लगा है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले 12 घंटों में कश्मीर घाटी में बहुत कम बारिश हुई है।
उन्होंने बताया कि बारिश कम होने के कारण, दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के संगम पर झेलम नदी बाढ़ की चेतावनी के स्तर से नीचे आ गई है।
उन्होंने बताया कि हालांकि श्रीनगर में नदी का जलस्तर अब भी खतरे के स्तर से ऊपर है, लेकिन जलस्तर कम होना शुरू हो गया है।
नदी की सहायक नदियाँ भी बाढ़ की चेतावनी के स्तर से नीचे बह रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को जलमग्न हुए इलाकों में भी पानी कम होने लगा है। हालांकि, विभिन्न विभागों द्वारा निगरानी जारी है और टीमें अलर्ट पर हैं।
मौसम विभाग ने कहा कि घाटी में दिन के समय मौसम अब तक ज़्यादातर शुष्क रहा है, लेकिन दोपहर और देर रात तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।
इसके अनुसार, 30 अगस्त से एक सितंबर तक जम्मू के कुछ जिलों में मध्यम से भारी बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में यह भी कहा है कि दो से छह सितंबर तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
इस बीच कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है, लेकिन आने वाला पखवाड़ा बेहद अहम होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘जल स्तर घट रहा है, संगम और राम मुंशीबाग में जल स्तर घट रहा है और अगले कुछ दिनों तक मौसम का पूर्वानुमान ऐसा ही रहेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर बारिश का पूर्वानुमान है, तो हमारी टीमें चौबीसों घंटे काम करेंगी। मुझे उम्मीद है कि हमें लोगों से वैसा ही सहयोग मिलता रहेगा जैसा अब तक मिलता रहा है।’’
उन्होंने कहा, "नदियों और सहायक नदियों के पास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की ज़रूरत है क्योंकि अगले 10-15 दिन महत्वपूर्ण हैं। हमारी ज़िला आपदा प्रबंधन टीमें चौबीसों घंटे स्थिति पर नज़र रखने के लिए मौजूद रहेंगी।"
गर्ग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन तथा मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि संगम और राम मुंशीबाग में पानी दस साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे आपको अच्छे पुनर्स्थापन कार्यों का भी पता चलता है। कुछ चुनौतियां हो सकती हैं, लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि उनसे निपटा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।’’
मोबाइल कनेक्टिविटी में व्यवधान के बारे में पूछे जाने पर गर्ग ने कहा कि जम्मू में ऑप्टिकल फाइबर केबल को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन टीमें बहाली के लिए काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि अगले कुछ घंटों में पूरी तरह से बहाली हो जाएगी।
भाषा रंजन नरेश रंजन