झारखंड विधानसभा में हंगामे के कारण कार्यवाही रही बाधित
नोमान धीरज
- 25 Aug 2025, 07:19 PM
- Updated: 07:19 PM
(तस्वीरों के साथ)
रांची, 25 अगस्त (भाषा) झारखंड विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ और सत्तापक्ष व विपक्ष के विधायकों ने प्रदर्शन किया।इसकी वजह से अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो को सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी।
सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, दोनों पक्षों के विधायक आसन के सामने आ गए और नारेबाजी करने लगे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी दलों ने, आदिवासी नेता सूर्या हंसदा की मौत की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने और एक प्रस्तावित अस्पताल परियोजना के लिए ली गई किसानों की जमीन को वापस करने की मांग की। सूर्या हंसदा की कथित तौर पर पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी।
वहीं, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस के विधायकों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और 130वें संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से उनकी सीट पर वापस जाने का आग्रह किया, लेकिन हंगामा जारी रहा। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही अपराह्न 12.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
महतो ने कहा, ‘‘सदस्यों के पास आज महत्वपूर्ण प्रश्न हैं। मुझे सदन स्थगित करते हुए दुख हो रहा है।’’
अपराह्न 12.34 बजे सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होने पर भाजपा विधायक राज सिन्हा और आलोक चौरसिया ने क्रमशः हंसदा की मुठभेड़ और रिम्स-2 परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर अलग-अलग स्थगन प्रस्ताव पेश किए।
प्रस्ताव को अध्यक्ष ने अस्वीकार कर दिया और कहा कि इन मुद्दों पर चर्चा, बाद में की जा सकती है।
मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग करते हुए भाजपा विधायक आसन के समक्ष आ गए।
सत्तारूढ़ दलों के सदस्य भी उनके पीछे-पीछे आसन के सामने आ गए और 130वें संविधान संशोधन विधेयक का विरोध करने लगे, जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को 30 दिन या उससे अधिक समय तक जेल में रहने पर पद से हटाने का प्रावधान है।
हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने ‘‘झारखंड में एकीकृत वित्तीय प्रणाली’’ और ‘‘वर्ष 2023-24 के लिए राज्य वित्त’’ पर कैग की रिपोर्ट पेश की।
इसके बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
अपराह्न दो बजे भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही पुनः शुरू हुई और अनुपूरक बजट पर चर्चा आरंभ हुई। अनुपूरक बजट को 22 अगस्त को सदन में पेश किया गया था।
अपने भाषण की शुरुआत में भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने सूर्या हंसदा की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन से की, जिसका सत्ता पक्ष ने विरोध किया और मांग की कि इस टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से निकाला जाए।
तिवारी ने कहा, ‘‘सूर्या हंसदा गुरुजी के पदचिन्हों पर चल रहे थे और आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ रहे थे।’’
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि ‘दिसोम गुरु’ (जमीन के नेता) की तुलना आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्ति से करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अध्यक्ष से तिवारी की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने का आग्रह करता हूं।’’
विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को केवल मामलों के आधार पर अपराधी घोषित नहीं किया जाना चाहिए।
झारखंड भाजपा अध्यक्ष मरांडी ने सदन में कहा, ‘‘हंसदा ने चार विधानसभा चुनाव लड़े। हम जानते हैं कि उन पर 24 मुकदमे दर्ज थे, लेकिन 15 मामलों में उन्हें बरी कर दिया गया। बाकी मामलों में वह जमानत पर थे। अदालत ने उन्हें अपराधी घोषित नहीं किया। शिबू सोरेन, जिन्हें हम दिसोम गुरु कहते हैं, उन पर भी कई मुकदमे दर्ज थे। हम बस सूर्या हंसदा मामले की सीबीआई से जांच चाहते हैं।’’
झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि हंसदा पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुनील टुडू की हत्या सहित कई मामले में दर्ज थे।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा आदिवासी कार्ड खेल रही है। अपराधी न हिंदू होता है, न मुसलमान, न आदिवासी, बल्कि अपराधी ही होता है।’’
इस मुद्दे समेत कई मामलों को लेकर हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही तीसरी बार अपराह्व 2.36 पर अपराह्न साढ़े तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। फिर से सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भाजपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया और 4,296.62 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
कई विधानसभा चुनाव लड़ चुके हंसदा को 10 अगस्त को देवघर के नवाडीह गांव से गिरफ्तार किया गया था और कथित मुठभेड़ उस समय हुई जब उसे छिपाकर रखे गए हथियार की निशानदेही के लिए रहदबड़िया पहाड़ी पर ले जाया जा रहा था।
हंसदा ने कथित तौर पर पुलिस से एक हथियार छीन लिया था और हिरासत से भागने की कोशिश की तथा पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उनकी मौत हो गई।
भाषा नोमान