हमले के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को दिया गया दोहरा सुरक्षा कवच
खारी नरेश
- 25 Aug 2025, 05:20 PM
- Updated: 05:20 PM
नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हाल में हुए हमले के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करते हुए उनकी सुरक्षा में स्थायी रूप से 40 पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। साथ ही, उनके किसी भी कार्यक्रम में आने वाले लोगों की कई बार तलाशी ली जाएगी। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
प्रारंभ में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मुख्यमंत्री को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्देश दिया था, लेकिन अब वह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। उसकी जगह दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है और अतिरिक्त बल तैनात कर उन्हें ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “मुख्यमंत्री की सुरक्षा में 40 से अधिक पुलिसकर्मी हर समय तैनात रहेंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री के लिए एक सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उनके सभी कार्यक्रमों में कड़ी जांच की जाएगी।”
इसमें उनके जनसुनवाई कार्यक्रम भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री गुप्ता (51) पर 20 अगस्त की सुबह सिविल लाइंस क्षेत्र में उनके कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान एक व्यक्ति ने हमला कर दिया था। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस हमले को ‘‘उनकी हत्या की सुनियोजित साजिश’’ बताया था।
अधिकारी ने कहा, “प्रवेश से पहले हर आगंतुक की पूरी तरह तलाशी और पहचान की पुष्टि की जाएगी। हमने सुरक्षा की बहु-स्तरीय व्यवस्था की है ताकि किसी प्रकार की चूक न हो।”
उन्होंने बताया कि अब मुख्यमंत्री की सुरक्षा दो-स्तरीय घेरे में की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस के पास होगी।
भीतरी सुरक्षा घेरे में दो सशस्त्र अंगरक्षक मुख्यमंत्री के थोड़ा आगे तैनात रहेंगे, जो किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत सुरक्षा प्रदान करेंगे, जबकि अन्य अंगरक्षक चारों ओर 360 डिग्री निगरानी बनाए रखेंगे ताकि किसी भी खतरे को शुरुआत में भांपा जा सके।
बाहरी सुरक्षा घेरा मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के दौरान आमजन की पहुंच, तलाशी और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाएगा।
गुप्ता की सुरक्षा में यह बढ़ोतरी उनके जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान हुए हमले के कुछ ही दिनों बाद की गई है।
दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री पर हमले की जांच के सिलसिले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी, पेशे से ऑटो चालक सकारिया राजेशभाई खिमजी (41) भी शामिल हैं जो राजकोट (गुजरात) निवासी है।
उसके सहयोगी तहसीन को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसने घटना से पहले आर्थिक मदद की और समन्वय किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में यह सामने आया है कि खिमजी अकेले नहीं था, बल्कि उसने मुख्यमंत्री को नुकसान पहुंचाने की स्पष्ट और सुनियोजित साजिश रची थी।
जांच से जुड़े एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम खिमजी से जुड़े 10 से अधिक लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। हमले के पीछे के मकसद की गहन जांच की जा रही है और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और नाम सामने आ सकते हैं।”
पुलिस ने कहा कि गुप्ता के सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा को और कड़ा किया जाएगा, क्योंकि इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
अधिकारी ने कहा, “मुख्यमंत्री की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। हमने उनके सभी कार्यक्रमों के लिए सख्त दिशानिर्देश तय किए हैं। प्रवेश नियंत्रण से लेकर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती तक, हर पहलू पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।”
भाषा खारी