हिमंत ने बांग्लादेशियों पर टिप्पणी के लिए कार्यकर्ता सैयदा हमीद की आलोचना की
नोमान धीरज
- 25 Aug 2025, 08:00 PM
- Updated: 08:00 PM
गुवाहाटी/कोकराझार, 25 अगस्त (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने योजना आयोग की पूर्व सदस्य सैयदा हमीद की ‘‘बांग्लादेशी यहां रह सकते हैं’’ टिप्पणी के लिए उनकी आलोचना करते हुए सोमवार को कहा कि इस तरह के बयान घुसपैठियों को वैध बनाते हैं और ‘‘असम को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने के जिन्ना के सपने को साकार करने’’ की कोशिश करते हैं।
शर्मा ने दावा किया कि हमीद जैसे लोगों के मौन समर्थन के कारण असमिया लोगों की पहचान विलुप्त होने के कगार पर है। मुख्यमंत्री ने मानवाधिकार कार्यकर्ता को गांधी परिवार का करीबी विश्वासपात्र बताया।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि यह राज्य के लिए ‘मुश्किल समय’ है और इसे बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा।
शर्मा ने हमीद द्वारा रविवार को एक बैठक के बाद की गई टिप्पणी का क्लिप सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए पोस्ट में कहा, ‘‘गांधी परिवार की करीबी विश्वासपात्र सैयदा हमीद जैसे लोग घुसपैठियों को वैध ठहराते हैं, क्योंकि वे असम को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने के जिन्ना के सपने को साकार करना चाहते हैं।’’
उन्होंने महान अहोम सेनापति का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आज असमिया पहचान उनके जैसे लोगों के मौन समर्थन के कारण विलुप्त होने के कगार पर है। लेकिन हम लचित बरफुकन के संतान हैं, हम अपने राज्य और अपनी पहचान को बचाने के लिए अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ेंगे।’’
योजना आयोग की पूर्व सदस्य हमीद रविवार को यहां नागरिक मंच - असम नागरिक सम्मेलन द्वारा आयोजित ‘असम के विशेष संदर्भ में राष्ट्र की स्थिति’ विषय पर एक संगोष्ठी में शिरकत करने आई थी।
शर्मा द्वारा साझा किए गए 33 सेकंड की क्लिप में, हमीद ने असम में मुसलमानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और कहा कि उन्हें अक्सर ‘बांग्लादेशी’ कहकर संबोधित किया जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘बांग्लादेशी होने में क्या गुनाह है? बांग्लादेशी भी इंसान हैं। दुनिया इतनी बड़ी है। बांग्लादेशी भी यहां रह सकते हैं, वे किसी को उसके अधिकारों से वंचित नहीं कर रहे हैं।’’
हमीद ने कहा कि अल्लाह ने दुनिया को इंसानों के लिए बनाया है, हैवानों के लिए नहीं बनाया है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर कोई व्यक्ति इस धरती पर खड़ा है, तो उसे इतनी बुरी तरह से क्यों खदेड़ा जा रहा है।’’
शर्मा ने कहा कि ‘‘बांग्लादेशियों का असम में स्वागत नहीं है, यह उनकी भूमि नहीं है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जो कोई भी उनके प्रति सहानुभूति रखता है, वह उन्हें अपने घर में जगह दे सकता है। असम घुसपैठियों के लिए नहीं है, न अभी है न कभी होगा।’’
हमीद की टिप्पणियों के साथ, शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के साथ विभिन्न मंचों पर ली गई उनकी तस्वीरें भी साझा कीं।
कोकराझार में एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि हमीद कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की मित्र हैं और जब मनमोहन सिंह योजना आयोग के अध्यक्ष थे तब वह इसमें कार्यरत थी तथा पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के निमंत्रण पर राज्य का दौरा भी कर चुकी हैं।
हमीद की टिप्पणी पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि अगर हम कांग्रेस और नागरिक समिति को अपना अस्तित्व बनाए रखने दें, तो एक समय आएगा जब बांग्लादेशी असम में होंगे और असमिया लोगों को बांग्लादेश जाना होगा।’’
शर्मा ने कहा, ‘‘यह असम के लिए मुश्किल समय है और हमें अपने राज्य की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा।’’
जमीयत-उलेमा-ए-हिंद (एएम) के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने शर्मा पर मुसलमानों को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया था। इस बारे पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘चाहे अरशद मदनी हों या महमूद मदनी, मुझे उनकी परवाह नहीं है।’’
इससे पहले, जमीयत-उलेमा-ए-हिंद (एमएम) की कार्यसमिति ने असम में बेदखली अभियान पर चिंता व्यक्त की थी, जिसके कारण 50,000 से अधिक परिवार बेघर हो गए हैं। इनमें से अधिकतर बांग्ला भाषी मुसलमान हैं।
संगठन ने एक प्रस्ताव पारित कर भारत के संवैधानिक प्राधिकारियों से मुख्यमंत्री को तत्काल हटाने तथा उनके विरुद्ध घृणास्पद भाषण के लिए आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग की।
भाषा नोमान