जमील ने शिविर के लिए खिलाड़ियों की अनुपलब्धता को ज्यादा तवज्जो नहीं दी
आनन्द पंत
- 25 Aug 2025, 04:57 PM
- Updated: 04:57 PM
बेंगलुरु, 25 अगस्त (भाषा) भारत के नए मुख्य कोच खालिद जमील ने सोमवार को आगामी सीएएफए नेशंस कप के लिए राष्ट्रीय शिविर में कुछ शीर्ष खिलाड़ियों की अनुपलब्धता के बारे में चल रही चर्चा को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि टीम अगामी चुनौती के लिए तैयार है।
इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) चैंपियन मोहन बागान सुपरजायंट ने अपने सात खिलाड़ियों को शिविर के लिए छोड़ने से इनकार कर दिया था। मोहन बागान का तर्क था कि उसके लिए ऐसा करना अनिवार्य नहीं है क्योंकि यह टूर्नामेंट फीफा अंतरराष्ट्रीय विंडो में नहीं आता।
मोनालो मार्क्वेज की जगह भारतीय टीम के मुख्य कोच बने जमील को 29 खिलाड़ियों के शिविर में से अपने अंतिम 23 सदस्यों के टीम का चयन करना था।
जमील ने भारत के मुख्य कोच के तौर पर अपनी पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ चुनौतियों की बात करें तो कुछ क्लब कुछ कारणों से खिलाड़ियों को नहीं छोड़ रहे हैं। हम घरेलू सत्र शुरू होने से पहले यह टूर्नामेंट खेल रहे हैं। ऐसे में जो भी खिलाड़ी उपलब्ध हैं, हमें उन्हीं के साथ काम करना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए एक बड़ी चुनौती है। जो खिलाड़ी मेरे साथ हैं, उन्हें लेकर मुझे कभी कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई। मुझे जो भी चाहिए, वह मिला है। मेरे लिए यह प्रदर्शन करने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने का समय है। सभी खिलाड़ियों रवैया बहुत अच्छा है।’’
जमील से पूछा गया कि क्या इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के भविष्य को लेकर अनिश्चितता से राष्ट्रीय शिविर में मौजूद खिलाड़ी प्रभावित हो रहे है तो उन्होंने कहा कि ये पेशेवर खिलाड़ी हैं और जानते हैं कि स्थिति को कैसे संभालना है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कभी नहीं लगा कि इस वजह से खिलाड़ी प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें पता है कि मैदान में उतर कर क्या करना है। ऐसे में कोई बहाना नहीं होना चाहिये।। हर कोई कड़ी मेहनत कर रहा है, यह अच्छी बात है। मुझे हर किसी, खिलाड़ियों और एआईएफएफ के शीर्ष अधिकारियों से पूरा समर्थन मिल रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे पास अब भी संदेश झिंगन, गुरप्रीत संधू, अनवर अली जैसे खिलाड़ी हैं। ये सभी कमाल के खिलाड़ी है। नये खिलाड़ियों का रवैया भी बहुत अच्छा है। मुझे शिविर में कभी नहीं लगा कि हम टीम कमजोर है। मुझे लगता है कि जो खिलाड़ी मेरे साथ हैं, वे बहुत अच्छे हैं।’’
भारत सीएएफए नेशंस कप के ग्रुप बी में शामिल है। टीम 29 अगस्त को हिसोर में सह-मेजबान ताजिकिस्तान, एक सितंबर को ईरान और चार सितंबर को अफगानिस्तान का सामना करेगा। तीसरे स्थान का मैच और फाइनल आठ सितंबर को क्रमश: हिसोर और ताशकंद (उज्बेकिस्तान) में खेला जाएगा।
इस टूर्नामेंट के लिए राष्ट्रीय शिविर 16 अगस्त को यहां सिर्फ 22 खिलाड़ियों के साथ शुरू हुआ था, क्योंकि बाकी खिलाड़ी डूरंड कप में खेल रहे थे जो 23 अगस्त को समाप्त हुआ। डूरंड कप के खत्म होने के बाद सात अन्य खिलाड़ी भी टीम से जुड़ गए।
जमील ने कहा, ‘‘ कुछ खिलाड़ी उपलब्ध नहीं थे और हम उनका चयन कर रहे है जो पूरी तरह से फिट है। हम मैच में कोई गलती नहीं करना चाहते हैं।’’
भारत के इस पूर्व खिलाड़ी ने कहा, ‘‘ फिलहाल मेरा पूरा ध्यान इस टूर्नामेंट पर है। खिलाड़ियों को मानसिक तौर पर मजबूत होना होगा। उन्हें खुद पर भरोसा रखते हुए टीम के तौर पर खेलना होगा। ’’
सीएएफए नेशंस कप के बाद जमील को एक और कड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ेगा। भारत नौ और 14 अक्टूबर को एशियाई कप क्वालीफायर में सिंगापुर के खिलाफ घर और बाहर खेलेगा। महाद्वीपीय मुकाबले के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश में भारतीय टीम इस समय एक कठिन स्थिति में है।
जमील ने कहा, ‘‘ मेरा पूरा ध्यान अभी इस टूर्नामेंट पर है। यह पहला कदम है। इसके बाद देखेंगे क्या करना है। इस टूर्नामेंट से भविष्य के मैचों के लिए तैयारियां भी पुख्ता होंगी।’’
भाषा आनन्द