ममकूटाथिल के खिलाफ लगे दुर्व्यवहार के आरोपों पर केरल के कांग्रेस नेताओं की राय बंटी
राजकुमार प्रशांत
- 23 Aug 2025, 03:57 PM
- Updated: 03:57 PM
कोच्चि/कोझिकोड, 23 अगस्त (भाषा) केरल के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने इस सप्ताह प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले विधायक राहुल ममकूटाथिल के खिलाफ लगे दुर्व्यवहार के आरोपों पर शनिवार को अलग-अलग राय व्यक्त की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) लगातार पलक्कड़ विधायक के रूप में ममकूटाथिल के इस्तीफे की मांग कर रही हैं। विपक्ष के नेता (कांग्रेस) वी डी सतीशन ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर ‘बहुत गंभीरता’ से विचार कर रही है और यदि आवश्यक हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
सतीशन ने कोच्चि में संवाददाताओं से कहा, ‘‘आरोप लगने के 24 घंटे के भीतर ही ममकूटाथिल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसकी एक प्रक्रिया है और पार्टी मामले की गहन जांच करेगी।’’
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को शिकायतकर्ताओं को बदनाम करने के खिलाफ भी आगाह किया।
उन्होंने कहा, ‘‘आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ अभियान चलाने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह केरल की संस्कृति नहीं है।’’
जब उनसे यह पूछा गय कि क्या ममकूटाथिल ने स्वेच्छा से युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दिया था या उन्हें ऐसा करने के लिए कहा गया था, तब उन्होंने कहा, ‘‘यह एक तकनीकी प्रश्न है। लेकिन नतीजा तो वही है। उन्हें अपनी बेगुनाही साबित करने का अधिकार है। हम इसमें शामिल सभी लोगों की बात सुनेंगे।’’
हालांकि ममकूटाथिल के करीबी दोस्त और नेता, कांग्रेस सांसद शफी परमबिल ने उनका और भी मजबूती से बचाव किया।
परमबिल ने वडकारा में कहा, ‘‘राहुल इस मुद्दे से भागे नहीं हैं। उन्हें ‘फरार’ बताने वाली टिप्पणी गलत है। उनके खिलाफ कोई कानूनी शिकायत या प्राथमिकी दर्ज नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि ममकूटाथिल ने प्रदेश युवा कांग्रेस के नेता पद से इस्तीफा देकर तुरंत कदम उठाया।
इस बीच, माकपा की युवा शाखा ‘डीवाईएफआई’ ने वडकारा में एक कार्यक्रम में परमबिल की उपस्थिति को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और विधायक पद से ममकूटाथिल के इस्तीफे की मांग की।
जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की, तो थोड़ी झड़प हुई, जिसके बाद उन्होंने धरना दिया।
अभिनेत्री रिनी एन जॉर्ज ने एक प्रसिद्ध राजनीतिक दल के ‘युवा नेता’ पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया जिसके बाद भाजपा और डीवाईएफ के विरोध प्रदर्शन के बाद ममकूटाथिल को पार्टी की आंतरिक जांच का सामना करना पड़ रहा है।
भाषा राजकुमार