शबरिमला से सोना गायब होने के मुद्दे पर केरल विधानसभा में हंगामा
नेत्रपाल
- 03 Feb 2026, 02:56 PM
- Updated: 02:56 PM
तिरुवनंतपुरम, तीन फरवरी (भाषा) शबरिमला से सोना गायब होने के मुद्दे पर केरल विधानसभा में मंगलवार को भारी हंगामा हुआ। कांग्रेस के एक विधायक ने अध्यक्ष के आसन की ओर चढ़ने की कोशिश की जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
कांग्रेस नीत विपक्षी गठबंधन संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने आरोप लगाया कि शबरिमला से सोना गायब होने के मामले की एसआईटी (विशेष जांच दल) जांच में मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा हस्तक्षेप किया जा रहा है। इसके साथ ही यूडीएफ ने विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया और सदन में सहयोग न करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विपक्ष के बर्ताव को ''दुर्भाग्यपूर्ण'' और ''निंदनीय'' बताया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन ने विधानसभा अध्यक्ष ए. एन. शमसीर को यूडीएफ के बहिष्कार के फैसले की जानकारी दी।
सदन में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक अनवर सदात ने अचानक अध्यक्ष के आसन की ओर चढ़ने की कोशिश की।
इस वजह से अध्यक्ष को करीब 30 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी और वह अपने कक्ष में चले गए।
सतीशन ने आरोप लगाया कि शबरिमला सोना चोरी मामले की जांच में सरकार हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने दावा किया कि केरल उच्च न्यायालय ने भी इस बात पर गौर किया है कि एसआईटी द्वारा इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किए जाने में देरी हुई है।
उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति बनाई जा रही है जिससे आरोपी वैधानिक जमानत पर बाहर आ सकें और जांच को ''बाधित'' किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि आरोपी जेल से रिहा होते हैं तो मामले के सबूत नष्ट होने की पूरी संभावना है।
भारी हंगामे के बीच अध्यक्ष कार्यवाही रोककर अपने कक्ष में चले गए और बाद में विपक्ष की अनुपस्थिति में ही सदन का कामकाज जारी रहा।
विपक्ष ने अपना विरोध तब और तेज कर दिया जब सोमवार को सर्तकता अदालत ने सोना गायब होने के दोनों मामलों में त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अधिकारी डी. सुधीश कुमार को जमानत दे दी।
इस मामले में बोर्ड के दो पूर्व अधिकारी बी. मुरली बाबू और एस. एस. श्रीकुमार पहले ही जमानत पर बाहर आ चुके हैं। श्रीकुमार को मंदिर के गर्भगृह (श्रीकोविल) के कपाट से सोना गायब होने के दूसरे मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है।
वहीं, मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को भी एक मामले में जमानत मिल चुकी है और दूसरे में राहत मिलते ही वह भी जेल से बाहर आ जाएगा।
यह मामला मंदिर के गर्भगृह (श्रीकोविल) की चौखट और द्वारपाल की मूर्तियों पर लगी सोने की परतों से सोना गायब होने से जुड़ा है। इस पूरे मामले में पुलिस का विशेष जांच दल अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुका है।
भाषा
प्रचेता नेत्रपाल
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