विपक्षी दलों ने पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया
संतोष अविनाश
- 19 Aug 2025, 10:28 PM
- Updated: 10:28 PM
नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को घोषणा की कि उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार होंगे।
साथ ही उन्होंने देश के दूसरे सबसे बड़े पद के लिए होने वाले चुनाव को ‘‘वैचारिक लड़ाई’’ बताया।
रेड्डी उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और गोवा के पहले लोकायुक्त हैं। वह हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम् एवं मध्यस्थता केंद्र के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं।
रेड्डी 21 अगस्त को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
संयुक्त विपक्ष की बुधवार दोपहर संविधान सदन (पुराने संसद भवन) के केंद्रीय कक्ष में एक बैठक होगी।
खरगे ने कहा, ‘‘ विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी दलों ने एक साझा उम्मीदवार चुनने का फैसला किया है, यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। मुझे खुशी है कि सभी विपक्षी दल एक नाम पर सहमत हुए। यह लोकतंत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब भी लोकतंत्र और संविधान पर हमला होता है, विपक्षी दल एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं। इसलिए हमने इस चुनाव में एक अच्छे उम्मीदवार को मैदान में उतारने का फैसला किया है।’’
राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने कहा कि रेड्डी भारत के सबसे ‘‘प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों’’ में से एक हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘उनका कानूनी करियर लंबा और प्रतिष्ठित रहा है। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में, वह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के निरंतर और साहसी समर्थक रहे हैं।’’
खरगे ने कहा, ‘‘वह गरीबों के पक्षधर हैं और अपने कई फैसलों में... उन्होंने गरीबों का पक्ष लिया और संविधान तथा मौलिक अधिकारों की रक्षा भी की।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने राकांपा (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार, माकपा के एम ए बेबी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ ब्रायन, द्रमुक के तिरुचि शिवा और समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव सहित विभिन्न विपक्षी नेताओं के साथ यह बात कही।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उपराष्ट्रपति पद का चुनाव एक ‘‘वैचारिक लड़ाई’’ है और इसीलिए सभी विपक्षी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं।
रेड्डी के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘वह उन मूल्यों को पूरी तरह से दर्शाते हैं, जिन्होंने हमारे देश के स्वतंत्रता आंदोलन को इतनी गहराई से बचाया और जिन मूल्यों पर हमारे देश का संविधान और लोकतंत्र टिका हुआ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इन सभी मूल्यों पर हमला हो रहा है, और इसलिए यह चुनाव लड़ना हमारा सामूहिक और दृढ़ संकल्प है।’’
तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ’ ब्रायन के अनुसार, हाल ही में ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन से अलग हुई आम आदमी पार्टी (आप) भी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए रेड्डी का समर्थन कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार चुना है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि वाले राधाकृष्णन तमिलनाडु के अनुभवी भाजपा नेता रहे हैं।
आठ जुलाई, 1946 को वर्तमान तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के अकुला मायलाराम गाँव में पैदा हुए रेड्डी को दो मई, 1995 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश और पांच दिसंबर, 2005 को गुवाहाटी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
वह 12 जनवरी, 2007 को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश बने और आठ जुलाई, 2011 को सेवानिवृत्त हुए।
अगर राजग ने यह सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु के राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार चुना है कि द्रमुक उनका विरोध नहीं करे, तो विपक्ष ने अपनी रणनीति के तहत एक प्रतिष्ठित तेलुगु चेहरे को उम्मीदवार बनाकर इसका जवाब दिया है। इससे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के दलों तेलुगु देशम पार्टी और वाईएसआरसीपी और बीआरएस के लिए रेड्डी का समर्थन नहीं करना मुश्किल हो गया है।
हालांकि, वाईएसआरसीपी ने पहले ही राजग उम्मीदवार के लिए अपना समर्थन घोषित कर दिया है। रेड्डी को 27 दिसम्बर 1971 को आंध्र प्रदेश बार काउंसिल के तहत हैदराबाद में अधिवक्ता के रूप में नामांकित किया गया।
रेड्डी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हैदराबाद में पूरी की और 1971 में उस्मानिया विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की।
भाषा संतोष