विपक्षी नेताओं ने रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने की सराहना की
रमण प्रेम
- 19 Aug 2025, 10:30 PM
- Updated: 10:30 PM
नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को नौ सितम्बर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाए जाने की सराहना की तथा इस चुनाव को एक ‘वैचारिक लड़ाई’ बताया।
उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और पूर्व लोकायुक्त रेड्डी को विपक्ष ने सर्वसम्मति से इस चुनाव के लिए उम्मीदवार चुना है क्योंकि कई लोगों का मानना था कि प्रत्याशी को किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। नेताओं ने उनकी सराहना एक ऐसे व्यक्ति के रूप में की, जिन्होंने अपने पूरे करियर में संवैधानिक मूल्यों को कायम रखा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मैं बी. सुदर्शन रेड्डी गारू को भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार के रूप में नामित किए जाने पर हार्दिक बधाई देता हूं। एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता और न्याय के पुरोधा, वे हमारे संविधान की मूल भावना - जन अधिकारों, समानता और हमारे लोकतंत्र की रक्षा का प्रतिनिधित्व करते हैं । हम इस वैचारिक संघर्ष में एकजुट हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।”
रेड्डी के चयन के बारे में संवाददाताओं द्वारा पूछे जाने पर कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, “यह विपक्षी दलों द्वारा संचालित एक वैचारिक लड़ाई है और हम अचंभित करेंगे।”
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आश्चर्य जताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव उन पर क्यों थोपा गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष का उम्मीदवार चुनाव जीत जाएगा।
नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) नेता ने संवाददाताओं से कहा, “हम अभी यह नहीं समझ पा रहे हैं कि उपराष्ट्रपति चुनाव हम पर क्यों थोपा गया। पूर्व उपराष्ट्रपति (जगदीप) धनखड़ कहां गए? पद छोड़ने के बाद से उन्हें नहीं देखा गया है.... मुझे उम्मीद है कि वह स्वस्थ होंगे...।”
उन्होंने कहा, “जहां तक चुनाव का सवाल है, मुझे उम्मीद है कि ‘इंडिया’ का उम्मीदवार जीतेगा।”
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सांसद पी.संदोष कुमार ने घोषणा का स्वागत किया और कहा कि विपक्ष का उम्मीदवार संविधान के पक्ष में खड़ा है।
कुमार ने एक बयान में कहा, “यह केवल अंकगणित या संख्याओं का प्रश्न नहीं है। यह विचारधारा और हमारे संविधान की आत्मा का प्रश्न है। न्यायमूर्ति सुदर्शन रेड्डी एक प्रख्यात विधिवेत्ता हैं, जिनका मानवाधिकारों और नागरिक स्वतंत्रताओं को बनाए रखने का रिकॉर्ड बेदाग है।”
भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने सलवा जुडूम से संबंधित न्यायमूर्ति रेड्डी के फैसलों को याद किया और उनकी उम्मीदवारी का स्वागत किया।
कांग्रेस के नासिर हुसैन ने कहा कि वे ऐसे उम्मीदवार का चयन करना चाहते हैं जो ‘संविधान के अनुसार’ कार्य कर सके।
द्रमुक सांसद कनिमोई ने भी इसे वैचारिक लड़ाई बताया।
उन्होंने कहा, “यह एक वैचारिक लड़ाई है। विपक्ष एक ऐसे उम्मीदवार के ख़िलाफ एक उम्मीदवार चुनने के लिए एकजुट हुआ है जो हिंदुत्व और आरएसएस की पृष्ठभूमि से आता है।”
रेड्डी मंगलवार शाम दिल्ली पहुंचे और विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनका स्वागत किया। वह 21 अगस्त को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
भाषा प्रशांत रमण
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