बीजद ने ओडिशा चुनाव में वोट में गड़बड़ी का आरोप लगाया, सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी
अमित पवनेश
- 19 Aug 2025, 09:25 PM
- Updated: 09:25 PM
नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) के नेता अमर पटनायक ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग पर पिछले साल ओडिशा विधानसभा चुनाव के दौरान डाले गए और गिने गए मतों में गंभीर विसंगतियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
पटनायक ने कहा कि आयोग का रुख 'या तो मेरी बात मानो, नहीं तो रास्ता नापो' का है। उन्होंने चेतावनी दी कि वे सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात के तुरंत बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पटनायक ने चेतावनी दी कि चूंकि निर्वाचन आयोग चिंताओं को नजरअंदाज करना जारी रखे हुए है और पार्टियों को "अदालत जाने" के लिए कह रहा है, इसलिए बीजद खुद को कानूनी उपायों तक सीमित नहीं रखेगा और विरोध में सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है।
पटनायक ने कहा, ‘‘आयोग इस बात पर जोर देता है कि वह जो भी कर रहा है वह सही है और अगर कुछ भी गलत होता है, तो वह उसके लिए राजनीतिक दलों या उनके बूथ एजेंट को दोषी ठहराता है।’’
उन्होंने कहा, "निर्वाचन आयोग 'या तो मेरी बात मानो, नहीं तो रास्ता नापो' वाला रवैया अपनाता है, जो हमें अस्वीकार्य है और जरूरत पड़ने पर हम ओडिशा की सड़कों पर उतरेंगे।"
बीजद ने कहा कि दिसंबर 2024 से उसके बार-बार अनुरोध के बावजूद बूथवार मतदान का वैधानिक रिकॉर्ड, फॉर्म 17सी, उपलब्ध नहीं कराने के बाद वह ओडिशा उच्च न्यायालय का रुख करेगा।
पटनायक ने कहा कि इस डेटा का अभाव मतदान और गिनती के मतों के बीच "भारी विसंगतियों" के बारे में सवाल खड़े करता है, जिसे आयोग ने अब तक सबूतों के साथ स्पष्ट नहीं किया है।
मतदान में "असामान्य बढ़ोतरी" का हवाला देते हुए, उन्होंने कहा कि ओडिशा के 50 प्रतिशत निर्वाचन क्षेत्रों में शाम 5 बजे के बाद मतदान प्रतिशत 15 से 30 प्रतिशत के बीच बढ़ा, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की क्योंझर सीट पर 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह रात 11.45 बजे के बाद 10 प्रतिशत बढ़ा।
पटनायक ने चुनाव प्रणाली की प्रक्रियागत ऑडिट, 100 प्रतिशत वीवीपैट-ईवीएम मिलान और फॉर्म 17सी की समय पर आपूर्ति की मांग दोहराई। उन्होंने आगाह किया कि मतदाता सूची संशोधन के दौरान जल्दबाजी में नाम हटाने से वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने का खतरा है।
भाषा अमित