उत्तराखंड विस में कांग्रेस के हंगामे के बीच सरकार ने पेश किया अवैध धर्मांतरण विधेयक, अनुपूरक बजट
सं दीप्ति नोमान
- 19 Aug 2025, 09:23 PM
- Updated: 09:23 PM
गैरसैंण, 19 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को राज्य विधानसभा की कार्यवाही के बार-बार स्थगित होने के बीच अवैध धर्मांतरण विरोधी विधेयक, अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक सहित आठ विधेयक तथा 5315 करोड़ रुपये का लेखानुदान पेश कर दिया जबकि इस दौरान विपक्षी कांग्रेस ने पंचायत चुनावों में कथित धांधली और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा किया।
मानसून सत्र के पहले दिन सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस सदस्य प्रीतम सिंह ने प्रश्नकाल स्थगित कर हाल में संपन्न पंचायत चुनावों में कथित धांधली और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर नियम 310 के तहत तत्काल चर्चा कराए जाने की मांग की।
विपक्ष के अन्य सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया और नारेबाजी करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के आसन के सामने आ गए। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर बैठने का आग्रह किया।
हालांकि, विपक्षी सदस्य आसन के सामने डटे रहे और नारेबाजी करते रहे, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही तीस मिनट के लिए स्थगित कर दी ।
सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई तो उत्तेजित सदस्यों ने अपनी मांग दोहराते हुए फिर से हंगामा शुरू कर दिया और विधानसभा सचिव की मेज पलट दी, जिसके बाद अध्यक्ष ने पुनः कार्यवाही स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो भी हंगामा चलता रहा और नारेबाजी करते हुए विपक्षी सदस्यों ने दो बार विधानसभा सचिव की मेज पलटी। इस दौरान वे कागज फाड़कर अध्यक्ष के आसन के सामने हवा में उड़ाते रहे।
इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को बारह बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दिया और पूरा प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही चार बार स्थगित की गयी।
सदन के स्थगित होने के बाद भी आर्य की अगुवाई में विपक्षी सदस्य आसन के सामने बैठ गए और नारेबाजी करते रहे। इस दौरान, मोबाइल फोन से ‘रघुपति राघव’ का गीत चलता रहा।
हालांकि, इसके बाद कांग्रेस के हंगामे के बीच ही राज्य सरकार ने मंगलवार के लिए तय कामकाज निपटाया । इस दौरान उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध प्रतिषेध संशोधन विधेयक और उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक सहित आठ विधेयक और 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया गया।
सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा के बाहर कांग्रेस के पूर्व विधायकों ने भी पंचायत चुनावों में कथित धांधली और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के विरोध में धरना दिया।
इससे पहले, सदन के बाहर नेता प्रतिपाक्ष आर्य ने कहा कि नैनीताल पंचायत चुनावों में हुए कुकृत्य से प्रदेश की छवि खराब हुई। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरू से ही अंदेशा था कि सरकार अपनी सत्ता और ताकत का गलत इस्तेमाल करेगी, और अब वही आशंका सही साबित हुई है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “हमारे जिला पंचायत सदस्यों का जिस प्रकार से भाजपा के 50-50 लोगों द्वारा दिन-दहाड़े अपहरण कर लिया जाता है और पुलिस बल मूक दर्शक बना रहता है, इससे सरकार का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है।”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, हल्द्वानी के विधायक सुमित ह्रदयेश और उनके स्वयं के साथ जिस तरह की धक्का-मुक्की हुई, वैसी घटना इससे पहले प्रदेश में कभी नहीं हुई थी।
इस घटना को 'प्रजातंत्र पर हमला' बताते हुए आर्य ने कहा कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय द्वारा इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के खिलाफ की गयी तल्ख टिप्प्णी भी सरकार के 'कुकृत्य' पर मुहर लगाती है ।
भाषा सं दीप्ति