मेइती समूहों के संगठन ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत की
सुभाष वैभव
- 27 May 2025, 10:30 PM
- Updated: 10:30 PM
नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) मणिपुर के एक मेइती संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को केंद्र को एक हालिया घटना पर अपनी भावनाओं से अवगत कराया, जिसमें एक बस पर लिखे राज्य के नाम को कागज से ढक दिया गया था।
‘कोर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटिग्रिटी’ (कोकोमी) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यहां आयोजित बैठक में इसके प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्रालय के दोनों प्रतिनिधियों को शांति के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता और सामान्य स्थिति बहाल करने के सभी वास्तविक प्रयासों में सहयोग करने की इच्छा से भी अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों को नार्को-आतंकवाद, अवैध आव्रजन, बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती और राज्य में ‘बिगड़ती’ कानून व्यवस्था की स्थिति से उत्पन्न खतरों के बारे में अपनी चिंता से भी अवगत कराया।
संगठन का प्रतिनिधित्व सात सदस्यीय टीम ने किया, जबकि गृह मंत्रालय का प्रतिनिधित्व पूर्वोत्तर मामलों पर गृह मंत्रालय के सलाहकार ए के मिश्रा और गृह मंत्रालय के संयुक्त निदेशक राजेश कांबले ने किया।
कोकोमी के सूचना एवं जनसंपर्क संयोजक लाईखुराम जयंत ने इंफाल में एक बयान में कहा कि ‘‘राज्य में संकट पर आज उनके सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दो घंटे तक चली बैठक में मणिपुर में जारी संकट से जुड़ी प्रमुख चिंताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में इस साल 3 मई को पीपुल्स कन्वेंशन में अपनाए गए प्रस्ताव शामिल हैं।’’
कोकोमी ने गृह मंत्रालय से जनता की इच्छा को स्वीकार करने और सरकार के उच्च स्तर तक औपचारिक रूप से प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।
दोनों पक्षों ने जल्द से जल्द मणिपुर में शांति और स्थिरता बहाल करने के साझा लक्ष्य के साथ भविष्य में संचार बनाए रखने और बातचीत जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
कोकोमी के एक बयान में कहा गया है कि प्रतिनिधिमंडल ने ग्वालताबी घटना के संबंध में लोगों की भावनाओं और मांगों से अवगत कराया तथा गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले को आवश्यक सरकारी कार्रवाई के लिए संज्ञान में लिया गया है।
आरोप है कि सुरक्षा बलों ने सरकारी बस को, जिसमें सरकार द्वारा 20 मई को उखरूल जिले में शिरुई लिली उत्सव को कवर करने के लिए पत्रकारों को ले जाया जा रहा था, पूर्वी इंफाल जिले में ग्वालताबी चौकी के पास रोक लिया था तथा सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर) के कर्मचारियों को बस के अगले हिस्से के शीशे पर लिखे राज्य के नाम को सफेद कागज से ढकने के लिए मजबूर किया था।
पिछले हफ्ते, इस घटना को लेकर मेइती बहुल इंफाल घाटी में विरोध प्रदर्शन हुए।
भाषा सुभाष