भारत-पाक स्थिति पर सोमवार को बंद कमरे में होगी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक
सुरभि प्रशांत
- 05 May 2025, 11:44 AM
- Updated: 11:44 AM
(योषिता सिंह)
संयुक्त राष्ट्र, पांच मई (भाषा) पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हालात को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक सोमवार को बंद कमरे में होगी।
पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर आपात बैठक की मांग की है।
पाकिस्तान वर्तमान में 15 देशों की सदस्यता वाली शक्तिशाली सुरक्षा परिषद का एक अस्थायी सदस्य है। मई महीने के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता यूनान कर रहा है।
पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच तनाव पर ‘‘बंद कमरे में परामर्श का अनुरोध किया था’’ और सुरक्षा परिषद के वर्तमान अध्यक्ष यूनान ने पांच मई को दोपहर में बैठक निर्धारित की है।
सुरक्षा परिषद के पांच वीटो-धारक स्थायी सदस्यों - चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका के अलावा परिषद में 10 अस्थायी सदस्य अल्जीरिया, डेनमार्क, यूनान, गुयाना, पाकिस्तान, पनामा, दक्षिण कोरिया, सिएरा लियोन, स्लोवेनिया और सोमालिया हैं।
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद परमाणु हथियार संपन्न दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों भारत एवं पाकिस्तान के मध्य तनाव बढ़ने के बीच सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष यूनान के राजदूत एवं संयुक्त राष्ट्र में देश के स्थायी प्रतिनिधि इवेंजेलोस सेकेरिस ने कहा, “जैसा कि मैंने पहले कहा, सिद्धांत रूप में हम आतंकवाद के किसी भी कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं और हमने पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले पर यही किया।”
पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। हमले के बाद इस सप्ताह की शुरुआत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन और पाकिस्तान को छोड़कर सुरक्षा परिषद के सभी सदस्यों के साथ बात की।
जयशंकर ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों के साथ फोन पर हुई बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि ‘‘हमले के अपराधियों, समर्थकों और साजिश रचने वालों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।’’
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी, फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बरोट, दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ताए-युल, डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन, सिएरा लियोन गणराज्य के विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री टिमोथी मूसा काबा, अल्जीरिया के विदेश मंत्री अहमद अताफ से बात की।
पिछले शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने संयुक्त राष्ट्र में प्रेस वार्ता में कहा था कि उनके देश को उचित लगने पर बैठक बुलाने का अधिकार है।
अहमद ने कहा था, ‘‘हम देख रहे हैं कि यह सब कुछ जम्मू कश्मीर की स्थिति की पृष्ठभूमि में हो रहा है।’’
उन्होंने कहा कि हमले के बाद उत्पन्न स्थिति क्षेत्रीय और अंतराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा है।
पाकिस्तानी राजदूत ने पिछले सप्ताह गुतारेस से मुलाकात की थी और उन्हें क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी थी।
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद से दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में गिरावट आई है।
भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई दंडात्मक कदमों की घोषणा की है, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, अटारी में एकमात्र भूमि सीमा पार संचालन को बंद करना और आतंकवादी हमले के बाद राजनयिक संबंधों को सीमित करना शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ ‘‘ठोस और निर्णायक’’ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शीर्ष रक्षा अधिकारियों से यह भी कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले पर भारत को कैसे जवाब देना है, उसके लक्ष्य क्या हैं और इसे कब अंजाम देना है, इस पर निर्णय लेने के लिए सशस्त्र बलों को ‘‘अभियान संबंधी पूरी स्वतंत्रता’’ है।
भाषा
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