उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ जम्मू कश्मीर की स्थिति पर चर्चा की
राजकुमार दिलीप
- 03 May 2025, 10:27 PM
- Updated: 10:27 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की तथा पिछले सप्ताह पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले समेत विभिन्न मुद्दों पर उनके साथ चर्चा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के आवास पर दोनों नेताओं के बीच यह बैठक करीब आधे घंटे चली।
पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादी हमला होने के बाद से यह दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री के साथ जम्मू कश्मीर से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें इस क्षेत्र के हाल के घटनाक्रम पर विशेष जोर रहा।
उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने पहलगाम के पर्यटन स्थल बैसरन घाटी में हुए जघन्य आतंकवादी हमले के मद्देनजर मौजूदा स्थिति से मोदी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लोगों की गहरी पीड़ा और आक्रोश को दोहराया।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने 28 अप्रैल को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी, जो आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने तथा क्षेत्र की शांति और सद्भाव की रक्षा करने की जनप्रतिनिधियों की सामूहिक इच्छा को दर्शाता है।
प्रवक्ता के मुताबिक, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बताया कि जम्मू-कश्मीर के लोगों में हिंसा को अस्वीकार करते हुए गहरी एकजुटता की भावना है।
पहले अधिकारियों ने बताया था कि अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री को जमीनी हालात के बारे में जानकारी दी, खासकर घातक हमले को लेकर लोगों में व्याप्त आक्रोश और हिंसा के प्रति अपनी अस्वीकृति व्यक्त करने के लिए हर गली-मोहल्ले में हो रहे स्वतःस्फूर्त विरोध प्रदर्शनों के बारे में। वर्ष 1989 में आतंकवाद के उभरने के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने टट्टू सवारी संचालक सैयद आदिल हुसैन शाह के बलिदान का भी जिक्र किया, जिसने पर्यटकों की रक्षा के लिए साहसी प्रयास करते हुए एक आतंकवादी से हथियार छीनने की कोशिश की थी।
अधिकारियों ने कहा कि बैठक में इस हमले से तेजी से बढ़ते पर्यटन उद्योग और आगामी अमरनाथ यात्रा पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी चर्चा हुई।
अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई को दो मार्गों से शुरू होने वाली है - 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक पहलगाम मार्ग अनंतनाग जिले में है, जबकि 14 किलोमीटर का छोटा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल मार्ग गांदरबल जिले में है। यह यात्रा 38 दिनों तक चलेगी।
भाषा राजकुमार