ईडी ने धनशोधन मामले में राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार किया
कुंज शोभना
- 24 Apr 2025, 10:57 PM
- Updated: 10:57 PM
नयी दिल्ली/जयपुर, 24 अप्रैल (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जल जीवन मिशन योजना में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि संघीय जांच एजेंसी ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जोशी को जयपुर से हिरासत में लिया।
ईडी का धनशोधन का मामला राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जल जीवन मिशन योजना के संबंध में दर्ज की गई प्राथमिकी से उपजा है। इस योजना का उद्देश्य घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराना है।
राजस्थान में इस योजना का क्रियान्वयन राज्य के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा किया जा रहा था। जोशी पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार में इस विभाग के मंत्री थे।
ईडी के गिरफ्तार करने के बाद पूर्व मंत्री महेश जोशी ने संवाददाताओं से कहा ‘‘मैंने कोई गड़बड़ी नहीं की… मैंने किसी से पैसा नहीं लिया.. देश के कानून पर मुझे विश्वास है.. कानून न्याय करेगा।’’
गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे"राजनीतिक प्रतिशोध" बताया और कहा कि ईडी भाजपा का जबरन वसूली विभाग बन गया है।
इस मामले में ईडी द्वारा की गई यह पांचवीं गिरफ्तारी है। कथित बिचौलिए संजय बड़ाया, श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल, श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी के मालिक पदमचंद जैन और पीयूष जैन नामक व्यक्ति को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है।
एजेंसी की जांच में पाया गया कि पदमचंद जैन, मित्तल और अन्य लोग लोक सेवकों को अवैध संरक्षण, टेंडर प्राप्त करने, बिल स्वीकृत करवाने और पीएचईडी से प्राप्त विभिन्न टेंडरों के संबंध में उनके द्वारा निष्पादित कार्यों में अनियमितताओं को छिपाने के लिए रिश्वत देने में शामिल थे।
ईडी ने दावा किया कि बड़ाया को श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी और श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी जैसी आरोपी फर्मों से रिश्वत मिली थी।
ईडी ने पहले दावा किया था कि संदिग्ध हरियाणा से चोरी का सामान खरीदकर उसे टेंडर में इस्तेमाल करने में भी शामिल थे और उन्होंने पीएचईडी के ठेके पाने के लिए "फर्जी" कार्यपूर्णता पत्र भी जमा किए थे।
ईडी ने पहले जयपुर और दौसा में वरिष्ठ पीएचईडी अधिकारियों और जोशी के आवासीय और आधिकारिक परिसरों सहित कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा ‘‘भाजपा का जबरन वसूली विभाग बन चुके ईडी द्वारा पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है।’’
उन्होंने कहा ‘‘यह गिरफ्तारी ऐसे समय पर की गई है जब उनकी पत्नी करीब 15 दिन से जयपुर के एक अस्पताल में बेहोशी की हालत में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। उनकी (जोशी) इच्छा थी कि इस मुश्किल परिस्थिति से निकलने के बाद वह ईडी को बयान दें। ’’
गहलोत ने आरोप लगाया कि ‘‘यह उन्हें भावनात्मक रूप से तोड़ने का प्रयास है जिससे उनसे मनमुताबिक बयान लिए जा सकें।’’
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ‘एक्स’ पर लिखा ‘‘आज देश में खुफिया तंत्र और ईडी जैसी एजेंसियों का काम सिर्फ विपक्ष के नेताओं को डराने-धमकाने और बदले की भावना से कार्रवाई करने का रह गया है।’’
भाषा कुंज